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बुजुर्ग बंदियों को मिलेगी राहत
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मैनपुरी। जेल में निरुद्ध 65 साल से अधिक उम्र के 47 बंदियों को राहत मिलेगी। उनके मामलों की जल्द सुनवाई करके लंबित मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। हाईकोर्ट के निर्देश पर इस तरह के बंदियों की पहचान की गई है।
अदालतों में लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारित केे हाईकोर्ट ने निर्देश हैं। इसी के तहत वृद्ध बंदियों के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया है। गंभीर प्रवृत्ति के मामलों में जेल में बंद 65 साल से अधिक उम्र के बंदियों की पहचान कराई गई है। इनमें हत्या, दहेज हत्या, हत्या का प्रयास करने जैसे मामलों में शामिल बंदियों के मामलों को लिया गया है। इनके मुकदमों को चिन्हित कर शीघ्र निस्तारण की पहल शुरू होगी। गवाही के नाम पर इन मुकदमों को लंबित करने से रोका जाएगा। जेल से तारीखों पर अदालत आने वाले वृद्ध बंदियों को इससे लाभ मिलने के साथ ही अदालतों पर काम का बोझ कम हो जाएगा। पूर्व शासकीय अधिवक्ता शरवीर सिंह का कहना है कि पुराने मामलों को जल्द निस्तारित करने के हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। अब वृद्ध बंदियों की पहचान करके उनको शीघ्र न्याय दिलाने की पहल की गई है।
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अदालतों में लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारित केे हाईकोर्ट ने निर्देश हैं। इसी के तहत वृद्ध बंदियों के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया है। गंभीर प्रवृत्ति के मामलों में जेल में बंद 65 साल से अधिक उम्र के बंदियों की पहचान कराई गई है। इनमें हत्या, दहेज हत्या, हत्या का प्रयास करने जैसे मामलों में शामिल बंदियों के मामलों को लिया गया है। इनके मुकदमों को चिन्हित कर शीघ्र निस्तारण की पहल शुरू होगी। गवाही के नाम पर इन मुकदमों को लंबित करने से रोका जाएगा। जेल से तारीखों पर अदालत आने वाले वृद्ध बंदियों को इससे लाभ मिलने के साथ ही अदालतों पर काम का बोझ कम हो जाएगा। पूर्व शासकीय अधिवक्ता शरवीर सिंह का कहना है कि पुराने मामलों को जल्द निस्तारित करने के हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। अब वृद्ध बंदियों की पहचान करके उनको शीघ्र न्याय दिलाने की पहल की गई है।
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