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नए मानकों से छूटे कॉलेज संचालकों के पसीने
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:57 PM IST
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मैनपुरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के नए निर्देश विभाग के लिए चुनौती बने हुए हैं। वित्तविहीन कॉलेजों की तो बात छोड़ो, सहायता प्राप्त और राजकीय कॉलेजों के सामने में भी मानक पूरे करने में पसीने छूट रहे हैं। परीक्षा के लिए कॉलेजों में व्यवस्थाएं करना संभव नहीं लग रहा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने आठ सितंबर को वर्ष 2019 की बोर्ड परीक्षा के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सभी कॉलेजों के मुख्यगेट, प्रत्येक कक्षा कक्ष के मुख्यगेट और सभी कक्षा कक्षों में वॉयस रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। यह कार्य 12 सितंबर तक पूरा करना है। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने भी सभी कॉलेज संचालकों को नए निर्देर्शों से अवगत करा दिया है।
जिले के 53 सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस से विरोध जताते हुए कहा कि उनके यहां किसी प्रकार के बजट की व्यवस्था नहीं है अब आनन-फानन में वे कहां से सभी व्यवस्थाएं करें। वहीं राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने भी इसी तरह पीड़ा व्यक्त की है।
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नए मानक पूरा करने के लिए कॉलेजों को 30 से 40 हजार तक का खर्च आएगा, जबकि जहां कक्षों की संख्या 20 से अधिक हैं, वहां यह खर्च 40 से 50 हजार तक पहुंच जाएगा।
किसी भी हालत में शासनादेश का पालन करना होगा। शासन के अनुसार सभी कॉलेजों को अपने यहां ये व्यवस्थाएं 12 सितंबर तक पूरी करनी हैं।
सर्वेश कुमार, डीआईओएस।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने आठ सितंबर को वर्ष 2019 की बोर्ड परीक्षा के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सभी कॉलेजों के मुख्यगेट, प्रत्येक कक्षा कक्ष के मुख्यगेट और सभी कक्षा कक्षों में वॉयस रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। यह कार्य 12 सितंबर तक पूरा करना है। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने भी सभी कॉलेज संचालकों को नए निर्देर्शों से अवगत करा दिया है।
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जिले के 53 सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस से विरोध जताते हुए कहा कि उनके यहां किसी प्रकार के बजट की व्यवस्था नहीं है अब आनन-फानन में वे कहां से सभी व्यवस्थाएं करें। वहीं राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने भी इसी तरह पीड़ा व्यक्त की है।
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नए मानक पूरा करने के लिए कॉलेजों को 30 से 40 हजार तक का खर्च आएगा, जबकि जहां कक्षों की संख्या 20 से अधिक हैं, वहां यह खर्च 40 से 50 हजार तक पहुंच जाएगा।
किसी भी हालत में शासनादेश का पालन करना होगा। शासन के अनुसार सभी कॉलेजों को अपने यहां ये व्यवस्थाएं 12 सितंबर तक पूरी करनी हैं।
सर्वेश कुमार, डीआईओएस।