फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   कई गांव बाढ़ की चपेट में, ग्रामीण परेशान

कई गांव बाढ़ की चपेट में, ग्रामीण परेशान

Fri, 17 Aug 2018 10:49 PM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:49 PM IST
विज्ञापन
कई गांव बाढ़ की चपेट में, ग्रामीण परेशान
कासगंज/पटियाली/सहावर।
विज्ञापन

गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर जिले में कहर बरपा रहा है। बाढ़ के पानी ने कई गांव का रास्ता रोक दिया है। खेतों में पानी भरा हुआ है। ग्रामीण आबादी के बीच तक पानी की दस्तक है। बाढ़ से अजीतनगर इलाके में सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई है। बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर होकर दूसरी ओर बहने लगा है। बाढ़ के पानी के बीच से लोग गुजरने को मजबूर हो रहे हैं। जलस्तर का दबाव लगातार बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं। बांधों के कटने का खतरा पैदा होने लगा है।
जिले में गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण तटवर्ती इलाकों में लगातार खलबली मची हुई है। एक बार पहले भी जिले में मीडियम फ्लड के हालात पैदा हो चुके हैं। लोगों को मीडियम फ्लड के हालातों से निजात मिल ही पाई थी कि दोबारा मीडियम फ्लड के हालात पैदा हो गए और इस बार पिछली बार से ज्यादा पानी गंगा में आ गया। गुरुवार को नरौरा से अब तक सर्वाधिक 1.79 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। गंगा के जलस्तर में कछला पर 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शाम को यह जलस्तर और बढ़ा हुआ था। शुक्रवार को यह डिस्चार्ज कुछ कम हुआ। इससे जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की मामूली गिरावट हुई।
विज्ञापन

शनिवार को जलस्तर में और कमी आने की उम्मीद है, लेकिन जिन गांव में बाढ़ का पानी भरा है उसके निकासी के अभी कोई आसार नहीं हैं। सोरों के लहरा गंगाघाट पर चारों ओर बाढ़ के पानी की दस्तक आ चुकी है। वहीं आबादी के नजदीक पानी आने से लोग परेशान हैं। उढ़ेर बांध के चारों ओर पानी एकत्रित हो गया है। दतलाना, बघेला, खड़ेरी व आस पास के गांव में बाढ़ से खतरे के हालात हे। वहीं सहावर के किलौनी, किसौल, नगला ढाव, अजीतनगर आदि गांव में पानी की दस्तक है। बाढ़ से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लोगों को आशंका है कि गंगा का जलस्तर और कब बढ़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। लोग बाढ़ के पानी के बचाव में जुटे हैं। अजीतनगर, नगरिया मार्ग के ऊपर से पानी बह रहा था और सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे आवागमन में दिक्कतें हो रहीं है। शहवाजपुर से पटियाली की ओर गांव बमनपुरा व आस पास के गांव के काफी बड़े क्षेत्र में बाढ़ के पानी का प्रकोप है। हजारों बीघा फसलें जलमग्न हैं। बमनपुरा की आबादी का इलाका पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिरा है। उलाईखेड़ा, सुन्नगढ़ी, सिकंदरपुर ढाव, सिकंदपुर खुर्द, देवकली, बरौना इलाके तक बाढ़ के पानी की दस्तक हो चुकी है। बाढ़ के पानी से सबसे ज्यादा खतरा बांधों की सुरक्षा का है। कोई भी बांध कटते ही बड़ी समस्या सामने आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डिस्चार्ज-
नरौरा- 158514 क्यूसेक
बिजनौर- 107898 क्यूसेक
हरिद्वार- 46126 क्यूसेक
कछला गेज 163.60 मीटर के निशान पर।
- जिले में अभी भी मीडियम फ्लड का प्रकोप है। कुछ ग्रामीण इलाकों में गंगा की बाढ़ का पानी भरा हुआ है। आज शनिवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट के बाद लो फ्लड होने की उम्मीद है क्योंकि हरिद्वार से पानी का दवाब कम हुआ है- एके सिंह, सहायब बाढ़ प्रभारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed