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टीबी मरीजों का बुरा हाल, वार्ड में न कूलर न पानी
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:37 PM IST
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फिरोजाबाद। गर्मी के दिनों में टीबी मरीजों की खस्ता हालत हो रही है। जिला अस्पताल परिसर में बने टीबी वार्ड में मरीजों को कूलर की हवा भी नसीब नहीं हो पा रही है। न ही मरीज और तीमारदारों को पीने के लिए ठंडा पानी उपलब्ध होता है।
जिला टीबी वार्ड में करीब 15 मरीज भर्ती हैं। यहां मरीज कई-कई दिनों तक रहकर इलाज कराते हैं। मगर मरीजों से सुविधाएं दरकिनार कर दी गई हैं। सर्दियों के दिनों में वार्ड में कूलर लगा रखा था। मगर गर्मी शुरू होते ही स्वास्थ्यकर्मी वार्ड से कूलर ले गए। जिससे तपती दोपहर में मरीजों को गर्मी के कारण काफी दिक्कत होती है। इधर, पानी की सुविधा भी टीबी वार्ड में नहीं है। मरीज स्वयं प्राइवेट ट्रामा सेंटर में पानी भरने के लिए जाते हैं। सीएमओ डा. एसके दीक्षित का कहना है कि टीबी वार्ड का निरीक्षण करने जाएंगे। जो भी कमियां होंगी उनको दूर कराया जाएगा।
शौचालय में पानी नहीं रहता है। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। गर्मी के कारण मरीज बरामदे में बैठे नजर आते हैं।
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विजय शंकर का कहना है कि पंखे धीमे चलते हैं। गर्मी बहुत लगती है। कभी कभार तो बिजली चली जाती है। इस कारण नींद नहीं आती। पहले से बीमार है, यहां की असुविधाओं ने और बीमार कर दिया है।
श्रीनिवास ने कहा कि इलाज सरकारी अस्पताल में करा रहे हैं। किंतु पानी भरने के लिए प्राइवेट ट्रामा सेंटर में जाना पड़ता है। खुद बीमार हैं, मगर पानी के लिए चलना मजबूर हो जाता है।
आरती देवी का कहना है कि यहां सुविधाएं बेकार हैं। पीने को पानी नहीं है। गर्मी में कूलर भी नहीं लगाया गया है। काफी दिक्कत होती है। खाना भी 11 बजे के बाद मिलता है।
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जिला टीबी वार्ड में करीब 15 मरीज भर्ती हैं। यहां मरीज कई-कई दिनों तक रहकर इलाज कराते हैं। मगर मरीजों से सुविधाएं दरकिनार कर दी गई हैं। सर्दियों के दिनों में वार्ड में कूलर लगा रखा था। मगर गर्मी शुरू होते ही स्वास्थ्यकर्मी वार्ड से कूलर ले गए। जिससे तपती दोपहर में मरीजों को गर्मी के कारण काफी दिक्कत होती है। इधर, पानी की सुविधा भी टीबी वार्ड में नहीं है। मरीज स्वयं प्राइवेट ट्रामा सेंटर में पानी भरने के लिए जाते हैं। सीएमओ डा. एसके दीक्षित का कहना है कि टीबी वार्ड का निरीक्षण करने जाएंगे। जो भी कमियां होंगी उनको दूर कराया जाएगा।
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शौचालय में पानी नहीं रहता है। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। गर्मी के कारण मरीज बरामदे में बैठे नजर आते हैं।
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विजय शंकर का कहना है कि पंखे धीमे चलते हैं। गर्मी बहुत लगती है। कभी कभार तो बिजली चली जाती है। इस कारण नींद नहीं आती। पहले से बीमार है, यहां की असुविधाओं ने और बीमार कर दिया है।
श्रीनिवास ने कहा कि इलाज सरकारी अस्पताल में करा रहे हैं। किंतु पानी भरने के लिए प्राइवेट ट्रामा सेंटर में जाना पड़ता है। खुद बीमार हैं, मगर पानी के लिए चलना मजबूर हो जाता है।
आरती देवी का कहना है कि यहां सुविधाएं बेकार हैं। पीने को पानी नहीं है। गर्मी में कूलर भी नहीं लगाया गया है। काफी दिक्कत होती है। खाना भी 11 बजे के बाद मिलता है।