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किडनी निकालने की फिराक में थे बदमाश
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:32 PM IST
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- फोटो : demo pic
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कासगंज। शहर के एक युवक का 31 मई को कासगंज से बुलंदशहर जाते समय एंबुलेंस सवारों ने अपहरण कर लिया। युवक को बुलंदशहर में किसी स्थान पर तीन दिन तक बेहोशी की अवस्था में कैद करके रखा। इसके बाद आरोपी युवक को बुलंदशहर के बस स्टैंड इलाके में छोड़कर चले गए।
अपहरण का शिकार हुआ युवक यूनुस लाल उर्फ अन्नु यहां के क्रिश्चियन हॉस्पिटल में इलैक्ट्रीशियन है। 31 मई को वह अपने रिश्तेदार पादरी दयाल एम लाल यहां बुलंदशहर जा रहा था। यहां से वह बस से अलीगढ़ पहुंचा। अलीगढ़ में वह बस का इंतजार कर रहा था। तभी एंबुलेंस सवारों ने उसे बुलंदशहर ले जाने के बहाने बैठा लिया। युनूस ने बताया कि अलीगढ़ बाईपास पर आरोपियों ने उसे स्प्रे छिड़ककर बेहोश कर दिया। इसके बाद अज्ञात स्थान पर तीन दिन तक अर्ध बेहोशी की हालत में रखा। उसका कई बार खून निकाला गया। तीन दिन बाद अपहरणकर्ता उसे अचेत अवस्था में बुलंदशहर के बस स्टैंड पर छोड़ गए। मौजूद लोगों ने उसके परिजनों को सूचना दी। मिशन हॉस्पिटल में उसका इलाज किया गया। युनूस ने बताया कि उसे आशंका है कि अपहरणकर्ता उसकी किडनी निकालना चाहते थे, लेकिन खून की जांच में उपयोगी साबित न होने के कारण वापस छोड़ गए। उसने शरीर पर रक्त निकाले जाने के निशान भी दिखाए। इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
पुलिस ने दर्ज किए बयान
कासगंज। पीड़ित ने पुलिस को अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है, केवल मौखिक सूचना दी है। इस पर कोतवाली निरीक्षक ने पुलिस को भेजकर युनूस के बयान रिकॉर्ड कराए हैं। उपनिरीक्षक विजेंद्र सिंह ने बताया कि घटना अलीगढ़ में हुई है इसलिए मामला अलीगढ़ में दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस ने इस संबंध में बयान दर्ज किए हैं।
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अपहरण का शिकार हुआ युवक यूनुस लाल उर्फ अन्नु यहां के क्रिश्चियन हॉस्पिटल में इलैक्ट्रीशियन है। 31 मई को वह अपने रिश्तेदार पादरी दयाल एम लाल यहां बुलंदशहर जा रहा था। यहां से वह बस से अलीगढ़ पहुंचा। अलीगढ़ में वह बस का इंतजार कर रहा था। तभी एंबुलेंस सवारों ने उसे बुलंदशहर ले जाने के बहाने बैठा लिया। युनूस ने बताया कि अलीगढ़ बाईपास पर आरोपियों ने उसे स्प्रे छिड़ककर बेहोश कर दिया। इसके बाद अज्ञात स्थान पर तीन दिन तक अर्ध बेहोशी की हालत में रखा। उसका कई बार खून निकाला गया। तीन दिन बाद अपहरणकर्ता उसे अचेत अवस्था में बुलंदशहर के बस स्टैंड पर छोड़ गए। मौजूद लोगों ने उसके परिजनों को सूचना दी। मिशन हॉस्पिटल में उसका इलाज किया गया। युनूस ने बताया कि उसे आशंका है कि अपहरणकर्ता उसकी किडनी निकालना चाहते थे, लेकिन खून की जांच में उपयोगी साबित न होने के कारण वापस छोड़ गए। उसने शरीर पर रक्त निकाले जाने के निशान भी दिखाए। इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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पुलिस ने दर्ज किए बयान
कासगंज। पीड़ित ने पुलिस को अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है, केवल मौखिक सूचना दी है। इस पर कोतवाली निरीक्षक ने पुलिस को भेजकर युनूस के बयान रिकॉर्ड कराए हैं। उपनिरीक्षक विजेंद्र सिंह ने बताया कि घटना अलीगढ़ में हुई है इसलिए मामला अलीगढ़ में दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस ने इस संबंध में बयान दर्ज किए हैं।
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