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सिर्फ 25 हजार श्रमिकों को मिल रहा ईएसआई और ईपीएफ का लाभ

Wed, 11 Apr 2018 11:38 PM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:38 PM IST
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सिर्फ 25 हजार श्रमिकों को मिल रहा ईएसआई और ईपीएफ का  लाभ
फिरोजाबाद। कांच कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं के संबंध में बुधवार को एमएलसी डा. दिलीप यादव ने प्रतिनिधि मंडल के साथ सहायक श्रमायुक्त को 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि कारखानों में श्रमिकों से जबरन नौ से अधिक घंटे काम कराया जा रहा है। इस पर रोक लगाई जाए।
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एमएलसी डा. दिलीप यादव ने कहा कि कांच और चूड़ी उद्योग में करीब तीन लाख श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा निगम में मात्र 20-25 हजार श्रमिकों का पंजीकरण है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में तीन लाख के सापेक्ष 20-25 हजार श्रमिकों का ईपीएफ कटता है। सभी श्रमिकों को ईएसआई और ईपीएफ की सुविधा मिलनी चाहिए। श्रमिकों को खाते में अथवा चेक से भुगतान कराया जाए। कई कारखानों में श्रमिकों को मध्यान भोजन अवकाश नहीं दिया जाता। मजदूरों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, मूत्रालय और विश्राम करने तक का इंतजाम नहीं है।
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उन्होंने कहा कि चूड़ी-जुड़ाई मजदूरों को शासनादेश के अनुसार 1950 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से भुगतान हो रहा है, जो न्यूनतम से कम है। त्रिपक्षीय कमेटी गठित कर नया शासनादेश लागू किया जाए। जुड़ाई मजदूरों के लिए शासन से सितंबर-17 में 12500 लीटर केरोसिन जारी किया था, लेकिन वो कालाबाजारी में बेच दिया गया। दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई करें। रमेशचंद्र चंचल, धर्मदास शंखवार, रघुराज सिंह सविता, दिनेशचंद्र शर्मा, सुबोध दिवाकर, प्रेमशंकर शर्मा, अनार सिंह दिवाकर, जगमोहन यादव, बंटू कठेरिया, उदयवीर सिंह यादव, रघुवीर सविता शामिल रहे।
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