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करंट से बेटी की मौत, मां व दो बेटों समेत पांच झुलसे
Updated Fri, 08 Dec 2017 08:18 PM IST
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- फोटो : डेमो
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राया (मथुरा)। राया के गांव मल्है में शुक्रवार को टाटा मैजिक पर सवार होकर राया जा रहा सपेरों का परिवार हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से बेटी की मौत हो गई। मां और दो बेटों समेत पांच लोग झुलस गए हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
राजस्थान के नागौर से सपेरों के परिवार के 50 लोगों की एक टोली डेरा डालने के लिए राया जा रही थी। सभी लोग तीन मैजिक लोडर में सवार थे। नीचे सामान भरा हुआ था, उसके ऊपर सभी लोग बैठे थे। जब यह लोग राया के गांव मल्है के पास पहुंचे तो सड़क के ऊपर झूल रही हाईटेंशन लाइन इन लोगों को छू गई। जिससे बनवारी नाथ सपेरा की पत्नी कमलो देवी (42), बेटी फूलो देवी (22), बेटा रामनाथ (15), बेटा विनोद और रिश्तेदार काउड़ी (23) पुत्र मीठानाथ झुलस गए। चीख-पुकार मचते ही पीछे चल रहे दो अन्य मैजिक सवार और आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। पुलिस के पहुंचने से पहले चालक मैजिक छोड़कर भाग खड़ा हुआ।
सूचना पर पहुंची राया पुलिस के सहयोग से झुलसे लोगों को जिला अस्पताल भिजवाया। यहां पर चिकित्सकों ने बेटी फूलो देवी को मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा मां और दो बेटों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने मैजिक को कब्जे में लिया है। राया कोतवाली प्रभारी रमेश चंद शर्मा का कहना है कि झुलसे लोग सपेरा जाति के हैं। तहरीर आने पर मुकद्दमा दर्ज किया जाएगा। हादसे में पिता बनवारी नाथ सपेरे का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी पत्नी और दो बेटे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
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सुरमा-जड़ी बूटियां बेचकर पालते हैं अपना पेट
राया। घुमंतू जाति के 50 लोगों की यह टोली सवा माह पहले राजस्थान के नागौर से मथुरा के लिए निकली थी। जगह-जगह डेरा डालकर यह लोग अपने परिवार का पोषण करते हैं। इनमें से कई लोग सुरमा और जड़ी-बूटियां बेचते हैं और सपेरा बनकर यहं-वहां मांगकर गुजारा करते हैं। हादसे से पूर्व तीन दिन तक इन घुमंतुओं का डेरा महावन में था। शुक्रवार को ही यह राया में डेरा डालने के लिए निकले थे और हादसे का शिकार हो गए।
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राजस्थान के नागौर से सपेरों के परिवार के 50 लोगों की एक टोली डेरा डालने के लिए राया जा रही थी। सभी लोग तीन मैजिक लोडर में सवार थे। नीचे सामान भरा हुआ था, उसके ऊपर सभी लोग बैठे थे। जब यह लोग राया के गांव मल्है के पास पहुंचे तो सड़क के ऊपर झूल रही हाईटेंशन लाइन इन लोगों को छू गई। जिससे बनवारी नाथ सपेरा की पत्नी कमलो देवी (42), बेटी फूलो देवी (22), बेटा रामनाथ (15), बेटा विनोद और रिश्तेदार काउड़ी (23) पुत्र मीठानाथ झुलस गए। चीख-पुकार मचते ही पीछे चल रहे दो अन्य मैजिक सवार और आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। पुलिस के पहुंचने से पहले चालक मैजिक छोड़कर भाग खड़ा हुआ।
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सूचना पर पहुंची राया पुलिस के सहयोग से झुलसे लोगों को जिला अस्पताल भिजवाया। यहां पर चिकित्सकों ने बेटी फूलो देवी को मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा मां और दो बेटों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने मैजिक को कब्जे में लिया है। राया कोतवाली प्रभारी रमेश चंद शर्मा का कहना है कि झुलसे लोग सपेरा जाति के हैं। तहरीर आने पर मुकद्दमा दर्ज किया जाएगा। हादसे में पिता बनवारी नाथ सपेरे का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी पत्नी और दो बेटे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
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राया। घुमंतू जाति के 50 लोगों की यह टोली सवा माह पहले राजस्थान के नागौर से मथुरा के लिए निकली थी। जगह-जगह डेरा डालकर यह लोग अपने परिवार का पोषण करते हैं। इनमें से कई लोग सुरमा और जड़ी-बूटियां बेचते हैं और सपेरा बनकर यहं-वहां मांगकर गुजारा करते हैं। हादसे से पूर्व तीन दिन तक इन घुमंतुओं का डेरा महावन में था। शुक्रवार को ही यह राया में डेरा डालने के लिए निकले थे और हादसे का शिकार हो गए।