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क्या खाएं, क्या पीएं...सब कुछ तो मिलावटी
Updated Thu, 12 Oct 2017 08:14 PM IST
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मिठाई
- फोटो : demo pic
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मथुरा। क्या खाएं और क्या पीएं, सब कुछ तो मिलावटी है। बाजार में मिलावटी सामान की स्थिति इस कदर गंभीर है कि होलीगेट क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। पिछले सप्ताह ही शहर में बडे़ स्तर पर मिलावटी मसाले बनाने वाली बड़ी फैक्ट्री पकड़ी जा चुकी है। जिले के कस्बों में मिठाइयों की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक है।
दिवाली पर घर में पकवान बनेंगे तो बाजार से मिठाई की खरीदारी होगी, लेकिन घर और बाजार में मौजूद मिलावटी खाद्य पदार्थों की स्थिति ने आम आदमी को सहमा दिया है। चिंता है कि क्या बनाए और क्या खाएं। मसाले तक सुरक्षित नहीं रह गए हैं। दिवाली को लेकर खाद्य विभाग की चेकिंग ने लोगों को और डरा दिया है। दो साल पहले जयसिंहपुरा में जिस मसाले की रावल चक्की को पकड़ा था, वह फिर से चलते हुए मिली है। इससे बड़ी मात्रा में मिलावटी मसाले मिले हैं, जिन्हें जिले के सबसे विश्वसनीय बाजार होलीगेट और लालागंज को भेजा जाता था। जिले में मिठाइयों की स्थिति भी बेहद खराब है। महावन, राया, बलदेव, नौहझील, कोसी, छाता, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, राधाकुंड, फरह, सौंख सहित अन्य स्थानों पर मुख्य मार्ग और बस स्टैंड के आसपास बिकने वाली मिठाइयां की गुणवत्ता हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। इन स्थानों पर विभागीय चेकिंग भी सिर्फ त्योहार के आसपास ही होती है।
चेकिंग को टीमें गठित
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि चेकिंग के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। छापामारी की जा रही है। मिठाइयों के भी सैंपल भरे जा रहे हैं। सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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दिवाली पर घर में पकवान बनेंगे तो बाजार से मिठाई की खरीदारी होगी, लेकिन घर और बाजार में मौजूद मिलावटी खाद्य पदार्थों की स्थिति ने आम आदमी को सहमा दिया है। चिंता है कि क्या बनाए और क्या खाएं। मसाले तक सुरक्षित नहीं रह गए हैं। दिवाली को लेकर खाद्य विभाग की चेकिंग ने लोगों को और डरा दिया है। दो साल पहले जयसिंहपुरा में जिस मसाले की रावल चक्की को पकड़ा था, वह फिर से चलते हुए मिली है। इससे बड़ी मात्रा में मिलावटी मसाले मिले हैं, जिन्हें जिले के सबसे विश्वसनीय बाजार होलीगेट और लालागंज को भेजा जाता था। जिले में मिठाइयों की स्थिति भी बेहद खराब है। महावन, राया, बलदेव, नौहझील, कोसी, छाता, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, राधाकुंड, फरह, सौंख सहित अन्य स्थानों पर मुख्य मार्ग और बस स्टैंड के आसपास बिकने वाली मिठाइयां की गुणवत्ता हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। इन स्थानों पर विभागीय चेकिंग भी सिर्फ त्योहार के आसपास ही होती है।
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