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स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगा स्वाइन फ्लू वैक्सीन का टीका
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:05 PM IST
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swine flu
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एटा। स्वाइन फ्लू के इलाज से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को बचाव के लिए टीकाकरण अनिवार्य कर दिया गया है। सूबे में स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद एपेडमिक टीम मरीज के घर जाकर उपचार करेगी। हालांकि जिले में अभी तक किसी मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ प्रशांत द्विवेदी ने अलर्ट जारी कर कहा कि स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद जिला स्तर पर गठित एपेडमिक टीम मरीज के घर जाकर उपचार करेगी। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को चपेट में आने से बचाव के उपाय बताएगी। ऐसे में जरूरी है कि एपेडमिक टीम में शामिल चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पहले से वैक्सीन के टीके लगवाए जाएं। निर्देश में साफ है कि स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने पर उस कर्मी अथवा चिकित्सक को उस टीम में शामिल न करें जिसके वैक्सीन का टीका नहीं लगा हो। प्रमुख सचिव ने आदेश में कहा है कि जिला अस्पताल में बने आइसोलेटेड वार्ड में पूरी सुरक्षा के बाद कर्मचारी और चिकित्सक प्रवेश करें। टीम सुनिश्चित करे कि वार्ड में जाने से पहले उन्होंने मास्क पहने हैं अथवा नहीं।
निजी अस्पतालों को देनी होगी सूचना
डेंगू के साथ अन्य वेक्टर जनित रोगों से संबंधित मरीजों की सूचना निजी अस्पतालों को सीएमओ को देना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन ने डेंगू समेत वेक्टर जनित रोगों को नोटिफयेबिल डिसीज घोषित किया है। ऐसे में सीएमओ ने आदेश जारी किया है यदि निजी अस्पतालों में ऐसे मरीज आते हैं वे उनके कार्यालय को सूचना भेजेंगे।
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प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ प्रशांत द्विवेदी ने अलर्ट जारी कर कहा कि स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद जिला स्तर पर गठित एपेडमिक टीम मरीज के घर जाकर उपचार करेगी। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को चपेट में आने से बचाव के उपाय बताएगी। ऐसे में जरूरी है कि एपेडमिक टीम में शामिल चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पहले से वैक्सीन के टीके लगवाए जाएं। निर्देश में साफ है कि स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने पर उस कर्मी अथवा चिकित्सक को उस टीम में शामिल न करें जिसके वैक्सीन का टीका नहीं लगा हो। प्रमुख सचिव ने आदेश में कहा है कि जिला अस्पताल में बने आइसोलेटेड वार्ड में पूरी सुरक्षा के बाद कर्मचारी और चिकित्सक प्रवेश करें। टीम सुनिश्चित करे कि वार्ड में जाने से पहले उन्होंने मास्क पहने हैं अथवा नहीं।
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निजी अस्पतालों को देनी होगी सूचना
डेंगू के साथ अन्य वेक्टर जनित रोगों से संबंधित मरीजों की सूचना निजी अस्पतालों को सीएमओ को देना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन ने डेंगू समेत वेक्टर जनित रोगों को नोटिफयेबिल डिसीज घोषित किया है। ऐसे में सीएमओ ने आदेश जारी किया है यदि निजी अस्पतालों में ऐसे मरीज आते हैं वे उनके कार्यालय को सूचना भेजेंगे।
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