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आगरा किले में दर्ज था शिवाजी का गलत इतिहास: नाईक
Updated Mon, 24 Jul 2017 01:17 PM IST
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राज्यपाल राम नाईक
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आगरा। आगरा किले का भ्रमण करने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने छत्रपति शिवाजी के बारे में भ्रामक तथ्यों को बदले जाने पर संतोष जताया। कहा कि पहले यहां छत्रपति शिवाजी और औरंगजेब के मुलाकात का वर्णन गलत पेश किया गया था। इतिहास के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
रविवार सुबह लगभग 10 बजे राज्यपाल ने अपने परिजनों के साथ आगरा किले देखा। इसके बाद प्रेसवार्ता में कहा कि इतिहास को देखने का अपना-अपना नजरिया होता है, उसी के हिसाब से उसका वर्णन किया जाता है। 1857 की क्रांति को अंग्रेजों ने बगावत बताया था, जबकि भारतीय इतिहासकारों ने साक्ष्यों के आधार पर बताया कि यह भारत का पहला स्वतंत्रता आंदोलन था।
राज्यपाल बोले कि पूर्व में आगरा किले में शिला पट्टिका पर कुछ इस तरह से लिखा था, ‘शिवाजी आगरा की गर्मी से त्रस्त होकर बेहोश होने लगे थे। उन्होंने सहारे के लिए खंभा पकड़ लिया था।’ राज्यपाल ने कहा कि यह गलत जानकारी थी।
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कुछ इतिहासकारों को ऐसा लगा होगा मगर शिवाजी का इतिहास ऐसा नहीं है। औरंगजेब ने शिवाजी का अपमान किया। उनको नीचा दिखाने की कोशिश की। शिवाजी ने इसका विरोध किया, इस पर उन्हें नजरबंद कर दिया। वह बेहोश हुए, यह एतिहासिक असत्य है। शिला पट्टिका पर अब सही तथ्य दर्ज हैं। आगरा किले सामने स्थित शिवाजी की प्रतिमा और झलकारी बाई की प्रतिमा के रखरखाव की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंपी गई है।
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रविवार सुबह लगभग 10 बजे राज्यपाल ने अपने परिजनों के साथ आगरा किले देखा। इसके बाद प्रेसवार्ता में कहा कि इतिहास को देखने का अपना-अपना नजरिया होता है, उसी के हिसाब से उसका वर्णन किया जाता है। 1857 की क्रांति को अंग्रेजों ने बगावत बताया था, जबकि भारतीय इतिहासकारों ने साक्ष्यों के आधार पर बताया कि यह भारत का पहला स्वतंत्रता आंदोलन था।
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राज्यपाल बोले कि पूर्व में आगरा किले में शिला पट्टिका पर कुछ इस तरह से लिखा था, ‘शिवाजी आगरा की गर्मी से त्रस्त होकर बेहोश होने लगे थे। उन्होंने सहारे के लिए खंभा पकड़ लिया था।’ राज्यपाल ने कहा कि यह गलत जानकारी थी।
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कुछ इतिहासकारों को ऐसा लगा होगा मगर शिवाजी का इतिहास ऐसा नहीं है। औरंगजेब ने शिवाजी का अपमान किया। उनको नीचा दिखाने की कोशिश की। शिवाजी ने इसका विरोध किया, इस पर उन्हें नजरबंद कर दिया। वह बेहोश हुए, यह एतिहासिक असत्य है। शिला पट्टिका पर अब सही तथ्य दर्ज हैं। आगरा किले सामने स्थित शिवाजी की प्रतिमा और झलकारी बाई की प्रतिमा के रखरखाव की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंपी गई है।