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खाद बेचने में धांधली की तो पड़ेगा भारी
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:00 PM IST
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मेरठ ईपीओएस
- फोटो : SELF
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एटा। खाद खरीदने मेें होने वाला खेल अब भारी पड़ने वाला है। खाद की दुकानों पर पीओएस मशीनें लगने के बाद खाद विक्रेताओं की दिक्कत बढ़ चुकी है। आलम यह है कि अधिकतर विक्रेताओं के पास स्टॉक में दो से तीन हजार बोरियां निकल रही हैं। जबकि विक्रेता किसानोें को खाद की किल्लत होने की बात कहकर टरकाते हैं। वहीं विभाग ने अधिक स्टॉक मिलने वाले विक्रेताओं से जवाब मांगने की तैयारी की है।
कृषि विभाग ने जिले के 311 उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीनों का वितरण शुरू कर दिया है। अब तक 161 विक्रेता पीओएस मशीन ले चुके हैं। जबकि 150 विक्रेताओं को एक अंतिम मौका देते हुए गुरुवार तक मशीन लेने के निर्देश दिए गए हैं। सभी 150 विक्रेताओें के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। वहीं मशीन लेने वाले खाद विक्रेताओं की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल, अब तक खाद बिक्री को लेकर जिले में खाद विक्रेता खेल करते थे।
स्टॉक को केवल विभाग को दिखाया जाता था, लेकिन असल में किसान को दिया नहीं जाता था। साथ ही खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को कंपनी और विक्रेता हड़प लेते थे। अधिकतर विक्रेता खाद की रैक को जहां से खरीदते थे, वहीं बेच देते थे और विभाग को स्टॉक दिखाते थे। अब नई मशीन लगने के बाद जब विक्रेताओं की आईडी जनरेट की गई, तो कई विक्रेताओं के स्टॉक में दो से तीन हजार बोरियां निकली हैं। इसके बाद भी किसान खाद को लेकर भटक रहे हैं। इसे लेकर कृषि विभाग ने चिंता जाहिर की है।
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जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव कहते हैं कि पीओएस मशीन लगने के बाद खाद की सब्सिडी किसान को मिलेगी। साथ ही खाद की आपूर्ति ठीक से और समय पर हो सकेगी। कुछ विक्रेताओं के यहां अधिक स्टॉक निकला है, जिसका जवाब मांगने की तैयारी चल रही है।
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कृषि विभाग ने जिले के 311 उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीनों का वितरण शुरू कर दिया है। अब तक 161 विक्रेता पीओएस मशीन ले चुके हैं। जबकि 150 विक्रेताओं को एक अंतिम मौका देते हुए गुरुवार तक मशीन लेने के निर्देश दिए गए हैं। सभी 150 विक्रेताओें के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। वहीं मशीन लेने वाले खाद विक्रेताओं की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल, अब तक खाद बिक्री को लेकर जिले में खाद विक्रेता खेल करते थे।
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स्टॉक को केवल विभाग को दिखाया जाता था, लेकिन असल में किसान को दिया नहीं जाता था। साथ ही खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को कंपनी और विक्रेता हड़प लेते थे। अधिकतर विक्रेता खाद की रैक को जहां से खरीदते थे, वहीं बेच देते थे और विभाग को स्टॉक दिखाते थे। अब नई मशीन लगने के बाद जब विक्रेताओं की आईडी जनरेट की गई, तो कई विक्रेताओं के स्टॉक में दो से तीन हजार बोरियां निकली हैं। इसके बाद भी किसान खाद को लेकर भटक रहे हैं। इसे लेकर कृषि विभाग ने चिंता जाहिर की है।
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जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव कहते हैं कि पीओएस मशीन लगने के बाद खाद की सब्सिडी किसान को मिलेगी। साथ ही खाद की आपूर्ति ठीक से और समय पर हो सकेगी। कुछ विक्रेताओं के यहां अधिक स्टॉक निकला है, जिसका जवाब मांगने की तैयारी चल रही है।