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मतगणना के लिए रही असमंजस की स्थिति
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:32 PM IST
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मतगणना के चलते तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भोगांव (मैनपुरी)। विकासखंड जागीर की ग्रामसभा एलाऊ के प्रधानी के चुनाव की पुन: मतगणना को लेकर देर शाम तक असमंजस की स्थिति रही। मतगणना के दौरान धांधली की शिकायत पर शुक्रवार को पुन: मतगणना होनी थी। लेकिन विपक्षी द्वारा मतगणना शुरू होने से पूर्व एसडीएम को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति थमाने के चलते भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।
विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाव में ग्राम सभा एलाउ में हुए प्रधानी के चुनाव में दिनेश कुमार पुत्र लल्लू सिंह ने विमला देवी पत्नी रामनरेश को पांच मतों से पराजित किया था। विमला देवी ने एसडीएम न्यायालय में याचिका दायर कर मतगणना में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए पुन: मतगणना की मांग की थी। एसडीएम संदीप कुमार ने 16 जून को पुन: मतगणना का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ वर्तमान प्रधान दिनेश कुमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में मतगणना के ठीक पहले दिनेश कुमार के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय के एक आदेश की प्रति एसडीएम को दी।
इस पर मतगणना रोकने और उनका पक्ष सुने जाने की बात लिखी थी। लेकिन उस आदेश पर न किसी के हस्ताक्षर थे और न ही प्रति प्रमाणित थी। इससे एसडीएम को संदेह हुआ। समाचार लिखे जाने तक मतगणना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।इस दौरान दोनों गुटों के लोग और पुलिस बल मौजूद रहा।
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विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाव में ग्राम सभा एलाउ में हुए प्रधानी के चुनाव में दिनेश कुमार पुत्र लल्लू सिंह ने विमला देवी पत्नी रामनरेश को पांच मतों से पराजित किया था। विमला देवी ने एसडीएम न्यायालय में याचिका दायर कर मतगणना में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए पुन: मतगणना की मांग की थी। एसडीएम संदीप कुमार ने 16 जून को पुन: मतगणना का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ वर्तमान प्रधान दिनेश कुमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में मतगणना के ठीक पहले दिनेश कुमार के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय के एक आदेश की प्रति एसडीएम को दी।
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इस पर मतगणना रोकने और उनका पक्ष सुने जाने की बात लिखी थी। लेकिन उस आदेश पर न किसी के हस्ताक्षर थे और न ही प्रति प्रमाणित थी। इससे एसडीएम को संदेह हुआ। समाचार लिखे जाने तक मतगणना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।इस दौरान दोनों गुटों के लोग और पुलिस बल मौजूद रहा।
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