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जवाहरबाग बागः आलू खोदाई प्रकरण में 39 लोग बरी, दो महिलाएं भी शामिल

Fri, 28 Jun 2019 12:13 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 28 Jun 2019 12:13 AM IST
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39 accused acquitted in Jawahar bagh Potato digging case
jawahar-bagh-in-mathura - फोटो : अमर उजाला
जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले रामवृक्ष यादव के 39 सहयोगियों को आलू खोदाई प्रकरण में कोर्ट ने गुरुवार को बरी कर दिया। जबकि चार की सजा बरकरार रखी। बरी किए जाने वाले अभियुक्तों में से एक की जेल में मौत हो चुकी है और 12 लोग पहले से जमानत पर हैं।
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विगत 16 मार्च 2016 को जवाहर बाग पर कब्जाधारी रामवृक्ष यादव और उसके करीब 250 साथियों ने उद्यान विभाग के कर्मचारियों पर उस समय हमला किया जब वह आलू खोद रहे थे।
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इस मामले में (सहायक सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट) एसीजेएम कोर्ट ने 21 जनवरी को 45 अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। दो महिलाओं को बरी कर दिया था। इस सजा की अपील पर सुनवाई सहायक जिला न्यायाधीश (एडीजे) चतुर्थ अमर पाल सिंह ने की। 
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गुरुवार को आरोपी हरनाथ की अपील नहीं हो सकी। कोर्ट ने कुल 44 अभियुक्तों की अपील पर निर्णय लिया। जिनमें से कोर्ट ने रामवृक्ष के फाइनेंसर राकेश बाबू गुप्ता, वीरेश यादव, राहुल और प्रेमपाल की अपील को खारिज कर दिया। 

आरोपी चंदन बोस की अपील शामिल नहीं हुई। इस प्रकार से कोर्ट ने 39 को बरी कर दिया। बरी होने वाले अभियुक्तों में से एक अभियुक्त सीताराम की जेल में ही मौत हो चुकी है। 

38 अभियुक्तों में से 12 अभियुक्त पहले से जमानत पर हैं। अन्य अभियुक्तों को जेल से रिहा करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। (अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता) एडीजीसी नंद कुमार तिवारी ने बताया कि गवाह न होने के कारण अभियुक्तों को बरी किया गया। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता एल के गौतम ने बताया कि जिनकी अपील खारिज हो चुकी है उनके लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

चर्चा है कि यदि कोर्ट में पैरवी सही हुई होती तो जवाहर बाग के अभियुक्त बरी नहीं हो पाते । लोअर कोर्ट में गवाहों ने सिर्फ चार अभियुक्त के ही नाम लिए जिनकी अपील को एडीजे कोर्ट ने खारिज कर दिया। जबकि 250 का नाम एफआईआर में शामिल था। अभियुक्तों की पहचान कराने के लिए न तो कार्रवाई शनाख्त तक नहीं कराई गई।
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