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नेताओं से वापस लिए गए 37 गनर
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Thu, 05 Jan 2017 11:19 PM IST
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कई अधिकारियों से भी वापस लिए जा सकते हैं गनर
- फोटो : अमर उजाला
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चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस ने 37 नेताओं से गनर वापस ले लिए हैं। इनमें विधायक, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री और सपा संगठन के नेता हैं। अभी कई अधिकारियों से भी गनर वापस लिए जा सकते हैं। आयोग का निर्देश है कि सांसद और विधायकों के पास एक -एक गनर रहेगा। इसी के अनुपालन में सभी से एक से अतिरिक्त दिए गए गनर वापस लिए गए हैं। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्रियों के पास अब गनर नहीं रहेंगे। राजनीतिक दलों के संगठन के कई नेताओं ने भी गनर ले रखे थे। शांतिपूर्वक और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए इन्हें हटाया गया है। नेता गनर लेकर चलते हैं तो वोटरों पर इसका असर पड़ता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फोर्स ऑडिट कराया जा रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि किसे कितने गनर अनुमन्य हैं और वह कितने लेकर चल रहा है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के गनर भी समीक्षा में आ गए हैं।
जेलों से शिफ्ट किए गए 97 अपराधी
कई और अपराधियों की बदली जा सकती है जेल
कार्रवाई - 2
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से कराने के लिए इस बार जेलों में कड़ी निगरानी की जा रही है। डीएम और एसएसपी लगातार मुआयना कर रहे हैं। इस दौरान जिला और सेंट्रल जेल में ऐसे 97 अपराधियों के नाम सामने आए जिनसे चुनाव में गड़बड़ी की आशंका थी। इनमें दो तरह के अपराधी बताए जा रहे हैं। एक तो वे हैं जिनकी चुनावी रंजिश चल रही है। प्रधानी, ब्लाक प्रमुखी जैसे चुनाव में इनके मुकदमे हैं। दूसरे वे हैं जो पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए। जिला जेल से 35 और सेंट्रल जेल से 62 अपराधियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है। बता दें, दो दिन पहले ही जिला जेल में मुलाकात के लिए एक शख्स के पास दो कारतूस मिले थे। इसके बाद जेलों में मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने जमा कराए 800 लाइसेंसी हथियार
28 हजार 650 असलाह का सत्यापन कराया गया
कार्रवाई - 3
आगरा। चुनाव के लिए पुलिस इस बार लाइसेंसी हथियारों के जमा कराने पर भी जोर दे रही है। आचार संहिता लगते ही इसका अभियान शुरू कर दिया गया है। वैसे पहले से ही इस पर काम चल रहा था। अभी तक 800 असलाह जमा कराए जा चुके हैं जबकि 28 हजार 650 का सत्यापन किया जा चुका है। जिले में 34 हजार 878 लोगों के पास लाइसेंस हैं। कई के पास एक से अधिक हैं। इस तरह कुल 35285 लाइसेंस हैं। इन पर 35 हजार 708 असलाह हैं। इनमें से अभी तक 28 हजार 650 का सत्यापन किया जा चुका है। पुलिस यह भी देख रही है कि जिसके नाम असलाह का लाइसेंस है, उसे वही इस्तेमाल कर रहा है या कोई और। साथ ही शस्त्र विक्रेताओं से कारतूसों का हिसाब लिया जा रहा है।
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जेलों से शिफ्ट किए गए 97 अपराधी
कई और अपराधियों की बदली जा सकती है जेल
कार्रवाई - 2
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आगरा। चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से कराने के लिए इस बार जेलों में कड़ी निगरानी की जा रही है। डीएम और एसएसपी लगातार मुआयना कर रहे हैं। इस दौरान जिला और सेंट्रल जेल में ऐसे 97 अपराधियों के नाम सामने आए जिनसे चुनाव में गड़बड़ी की आशंका थी। इनमें दो तरह के अपराधी बताए जा रहे हैं। एक तो वे हैं जिनकी चुनावी रंजिश चल रही है। प्रधानी, ब्लाक प्रमुखी जैसे चुनाव में इनके मुकदमे हैं। दूसरे वे हैं जो पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए। जिला जेल से 35 और सेंट्रल जेल से 62 अपराधियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है। बता दें, दो दिन पहले ही जिला जेल में मुलाकात के लिए एक शख्स के पास दो कारतूस मिले थे। इसके बाद जेलों में मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा रही है।
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28 हजार 650 असलाह का सत्यापन कराया गया
कार्रवाई - 3
आगरा। चुनाव के लिए पुलिस इस बार लाइसेंसी हथियारों के जमा कराने पर भी जोर दे रही है। आचार संहिता लगते ही इसका अभियान शुरू कर दिया गया है। वैसे पहले से ही इस पर काम चल रहा था। अभी तक 800 असलाह जमा कराए जा चुके हैं जबकि 28 हजार 650 का सत्यापन किया जा चुका है। जिले में 34 हजार 878 लोगों के पास लाइसेंस हैं। कई के पास एक से अधिक हैं। इस तरह कुल 35285 लाइसेंस हैं। इन पर 35 हजार 708 असलाह हैं। इनमें से अभी तक 28 हजार 650 का सत्यापन किया जा चुका है। पुलिस यह भी देख रही है कि जिसके नाम असलाह का लाइसेंस है, उसे वही इस्तेमाल कर रहा है या कोई और। साथ ही शस्त्र विक्रेताओं से कारतूसों का हिसाब लिया जा रहा है।
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