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चरणों से लिपट जाऊं धूल बनके, तेरे बंगले में लग जाऊं फूल बनके....
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वृंदावन (मथुरा)। माथे पर राधे नाम का चंदन और हाथ में गुलाब की माला लिए बांके बिहारी जी के आंगन की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम, चहुंओर होती वृंदावन बिहारी लाल की जय जयकार..., शुक्रवार को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में हर कोई इस आनंद में डूबा था। मौका था मंदिर में सजे फूल बंगले के दर्शन का। जहां दूर-दराज से आए भक्तों ने देर रात तक ठाकुर जी के दर्शन किए।
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बांकेबिहारी मंदिर में ग्रीष्म ऋतु के अंतर्गत शुक्रवार को राजभोग व शयनभोग दोनों समय फूल बंगले सजाए गए। सुबह 7:45 बजे दर्शन खुलने से पूर्व ही भक्तों का जनसमूह वृंदावन की गलियों से होता हुआ मंदिर की ओर बढ़ रहा था।
भक्तों ने दोपहर 12 बजे तक फूल बंगले में विराजमान अपने आराध्य को निहारा। शाम को भी भक्तों ने ठाकुर बांकेबिहारी की जयकार के मध्य आशीर्वाद लिया। शुक्रवार शाम को भक्तों की बढ़ती संख्या के कारण मंदिर के आसपास के बाजार भी गुलजार नजर आए।
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जगमोहन व चौक में लटकाई गईं फूलों की झालर
फूल बंगले में रायबेल, रजनीगंधा, गेंदा, घास, जूही गुलाब, गेंदा, जरबेरा आदि के फूलों का प्रयोग किया गया था। मंदिर के जगमोहन, चौक व संपूर्ण प्रांगण में लटकाई गई फूलों की झालरें सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहीं थीं।
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भक्तों ने दोपहर 12 बजे तक फूल बंगले में विराजमान अपने आराध्य को निहारा। शाम को भी भक्तों ने ठाकुर बांकेबिहारी की जयकार के मध्य आशीर्वाद लिया। शुक्रवार शाम को भक्तों की बढ़ती संख्या के कारण मंदिर के आसपास के बाजार भी गुलजार नजर आए।
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