{"_id":"5ad4b5634f1c1b85028b4e78","slug":"31523889507-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की 134 दुकानों के लिए नहीं मिल रहे हैं दुकानदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब की 134 दुकानों के लिए नहीं मिल रहे हैं दुकानदार
Updated Mon, 16 Apr 2018 08:20 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। जनपद में आबकारी विभाग को शराब की दुकानों के लिए दुकानदार ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। पिछले करीब एक माह से इसके लिए जनपद स्तर पर अपनाई जा रही प्रक्रिया के बावजूद 134 दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी है। सोमवार को तीसरे चरण में सिर्फ 56 दुकानों का ही आवंटन हो सका।
राज्य सरकार की आबकारी नीति के तहत इस बार शराब की दुकानों का ऑनलाइन आवंटन किया जा रहा है। इसके बावजूद जनपद में सभी दुकान आवंटित नहीं हो सकी है। ऐसे में शासन को तीसरी बार दुकान आवंटन की प्रक्रिया अपनानी पड़ी है। इसके तहत सोमवार को 56 दुकान आवंटित की गई। इसमें बीयर की 26, अंग्रेजी शराब की 10 दुकान और बाकी देशी शराब की दुकान शामिल हैं।
इसके बावजूद जनपद में अभी 134 शराब की दुकानों का आवंटन होना बाकी है। इसके लिए विभाग को एक बार फिर मशक्कत करनी होगी। सोमवार को अपनाई गई प्रक्रिया के दौरान डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी प्रभाकर चौधरी, सीडीओ पवन गंगवार, एडीएम वित्त रवींद्र कुमार और जिला आबकारी अधिकारी ओमवीर सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार की आबकारी नीति के तहत इस बार शराब की दुकानों का ऑनलाइन आवंटन किया जा रहा है। इसके बावजूद जनपद में सभी दुकान आवंटित नहीं हो सकी है। ऐसे में शासन को तीसरी बार दुकान आवंटन की प्रक्रिया अपनानी पड़ी है। इसके तहत सोमवार को 56 दुकान आवंटित की गई। इसमें बीयर की 26, अंग्रेजी शराब की 10 दुकान और बाकी देशी शराब की दुकान शामिल हैं।
विज्ञापन
इसके बावजूद जनपद में अभी 134 शराब की दुकानों का आवंटन होना बाकी है। इसके लिए विभाग को एक बार फिर मशक्कत करनी होगी। सोमवार को अपनाई गई प्रक्रिया के दौरान डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी प्रभाकर चौधरी, सीडीओ पवन गंगवार, एडीएम वित्त रवींद्र कुमार और जिला आबकारी अधिकारी ओमवीर सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन