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नगर निगम गेट पर परिवार संग भूख हड़ताल पर बैठे ठेकेदार
Updated Mon, 09 Apr 2018 11:28 PM IST
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फिरोजाबाद। सालों से बकाया करोड़ों के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को परिवार सहित ठेकेदारों ने नगर निगम के गेट पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। ठेकेदारों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी कर अफसरों के गलत व्यवहार का विरोध किया है।
पालिका बोर्ड में चेयरमैन और अफसरों ने ठेकेदारों से मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए, लेकिन सालों बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। शासन से वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद आजतक ठेकेदार करोड़ों के भुगतान को भटक रहे हैं। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक ठेकेदारों का 35 करोड़ से अधिक बकाया है। करोड़ों का भुगतान फंसने से ठेकेदारों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं, तो कई शहर में पलायन कर गए। हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम ने भुगतान नहीं किया। बकाया भुगतान की मांग को लेकर सोमवार से ठेकेदारों ने परिवार सहित निगम के गेट पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
ठेकेदारों का कहना था कि हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि परिवार में बीमार लोगों का इलाज करा सकें। भूख हड़ताल पर बैठे ठेकेदारों को अपर आयुक्त प्रमोद कुमार ने वार्ता के लिए बुला ेी जांच के बाद एक सप्ताह में भुगतान का आश्वासन दिया। ठेकेदार तत्काल भुगतान की मांग पर उठे तो ठेकेदारों से गलत भाषा में बात की। इससे ठेकेदारों में आक्रोश है। ठेकेदारों ने अफसरों के गलत व्यवहार पर आक्रोश जताया। उन्होंने चेतावनी दी जल्द भुगतान नहीं हुआ आंदोलन किया जाएगा। विजय सिंह, प्रताप सिंह, रामचंद्र, राजबहादुर शर्मा समेत अनेक ठेकेदार रहे।
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विजय सिंह 90 लाख, प्रताप सिंह 33 लाख, मेवाराम 87 लाख, राजबहादुर शर्मा डेढ़ करोड़, संजीव 72 लाख, श्याम 95 लाख, रामचंद्र 30 लाख, हाकिम सिंह 26 लाख, सत्यप्रकाश 20 लाख, विमलेश 20 लाख, मुकेश शर्मा एक करोड़, अमल गुप्ता 23 लाख। भुगतान वर्ष 2009-10 से पूर्व का बकाया चल रहा है।
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पालिका बोर्ड में चेयरमैन और अफसरों ने ठेकेदारों से मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए, लेकिन सालों बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। शासन से वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद आजतक ठेकेदार करोड़ों के भुगतान को भटक रहे हैं। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक ठेकेदारों का 35 करोड़ से अधिक बकाया है। करोड़ों का भुगतान फंसने से ठेकेदारों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं, तो कई शहर में पलायन कर गए। हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम ने भुगतान नहीं किया। बकाया भुगतान की मांग को लेकर सोमवार से ठेकेदारों ने परिवार सहित निगम के गेट पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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ठेकेदारों का कहना था कि हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि परिवार में बीमार लोगों का इलाज करा सकें। भूख हड़ताल पर बैठे ठेकेदारों को अपर आयुक्त प्रमोद कुमार ने वार्ता के लिए बुला ेी जांच के बाद एक सप्ताह में भुगतान का आश्वासन दिया। ठेकेदार तत्काल भुगतान की मांग पर उठे तो ठेकेदारों से गलत भाषा में बात की। इससे ठेकेदारों में आक्रोश है। ठेकेदारों ने अफसरों के गलत व्यवहार पर आक्रोश जताया। उन्होंने चेतावनी दी जल्द भुगतान नहीं हुआ आंदोलन किया जाएगा। विजय सिंह, प्रताप सिंह, रामचंद्र, राजबहादुर शर्मा समेत अनेक ठेकेदार रहे।
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विजय सिंह 90 लाख, प्रताप सिंह 33 लाख, मेवाराम 87 लाख, राजबहादुर शर्मा डेढ़ करोड़, संजीव 72 लाख, श्याम 95 लाख, रामचंद्र 30 लाख, हाकिम सिंह 26 लाख, सत्यप्रकाश 20 लाख, विमलेश 20 लाख, मुकेश शर्मा एक करोड़, अमल गुप्ता 23 लाख। भुगतान वर्ष 2009-10 से पूर्व का बकाया चल रहा है।