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अगवा ग्रामीण की मौत से औरंगाबाद में तनाव, बाजार बंद

Mon, 12 Mar 2018 08:11 PM IST
Updated Mon, 12 Mar 2018 08:11 PM IST
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अगवा ग्रामीण की मौत से औरंगाबाद में तनाव, बाजार बंद
सांकेतिक चित्र - फोटो : डेमो
टाउनशिप (मथुरा)। सदर के औरंगाबाद से 20 दिन पूर्व अगवा हुए ग्रामीण की मौत से औरंगाबाद का माहौल गर्मा गया। नागपुर में उसकी मौत होने के बाद सोमवार को मथुरा में शव आते ही विरोध में बाजार बंद हो गया। पुलिस की सूझबूझ से बवाल तो होने से बच गया पर तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस की सुरक्षा में मृतक को दफना दिया गया। मामले में छह पड़ोसियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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थाना सदर बाजार के औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला निवासी खलील (58) पुत्र नजर मोहम्मद 19 फरवरी की रात को टहलने के लिए निकले थे लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटे। चिंतित परिजनों ने उनकी काफी तलाश की पर कोई सुराग नहीं लगा। 21 फरवरी को अगवा ग्रामीण के बेटे जाविद अली ने फकीर मोहल्ला निवासी जहीर, बेबी, भूरा, गुड्डू उर्फ खालिद, आफताब उर्फ मुन्नू और युसूफ के खिलाफ थाना सदर बाजार में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में कुछ दिन बाद सदर बाजार पुलिस मामले में जुटी तो खलील की लोकेशन नागपुर में मिली। सदर पुलिस उनके परिजनों को लेकर नागपुर पहुंची तो खलील इंद्रा गांधी राजकीय हास्पिटल में भर्ती मिले। यहां पता चला कि एक मार्च को ट्रेन की चपेट में आने से घायल हो गया था। वह नागपुर कैसे पहुंचे और कैसे घायल हुआ इन सवालों का जवाब अब तक नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि 11 मार्च को अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सोमवार को खलील का शव मथुरा लाया गया तो लोगों में उबाल आ गया। बाजार बंद कर व्यापारियों ने विरोध जताया। माहौल को गर्माता देख पुलिस और पीएसी की मुस्तैदी कर दी गई। पुलिस की सूझबूझ के चलते दोपहर बाद उसके शव को दफना दिया गया।
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पुलिस तेजी दिखाती तो बच जाती खलील की जान टाउनशिप। लोगों का कहना है कि पुलिस मामले में शुरू से ही तेजी दिखाती तो औरंगाबाद के ग्रामीण खलील की जान बच जाती। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने उसकी तलाश को कोई प्रयास नहीं किया। परिवार वाले पुलिस के पास जाते थे तो उन्हें यह कहकर थाने से भगा दिया जाता कि जाकर खुद तलाश करो। पुलिस ने एक दिन भी कहीं उसकी तलाश नहीं की। पुलिस ने नामजद अभियुक्तों से भी पूछताछ नहीं की थी, जबकि परिवार वाले उसकी तलाश में भटक रहे थे।
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बवाल की आशंका पर अलर्ट रही पुलिस और पीएसी टाउनशिप। सोमवार को पुलिस की सूझबूझ ही काम आई। छह थानों का फोर्स, पीएसी, दमकल गाड़ियां, दंगा नियंत्रण वाहन और क्यूआरटी अलर्ट रही। ग्रामीण का शव औरंगाबाद पहुंचने से पहले ही पुलिस और पीएसी ने मोर्चा संभाल लिया था। बवाल की आशंका के चलते पुलिस मुस्तैद हो गई थी। औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ले और फकीर मोहल्ले में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। सीओ सिटी प्रीति सिंह, सीओ रिफाइनरी विनय सिंह चौहान, कोतवाली प्रभारी शिवप्रताप सिंह, सदर बाजार प्रभारी संतोष त्यागी के अलावा थानों का फोर्स मौजूद रहा।
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