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बच्चा जिंदा चाहिए तो नौ लाख का इंतजाम कर
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:44 PM IST
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फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। चार फरवरी शाम से लापता कक्षा एक के छात्र का अपहरण हुआ है। अपहृताओं ने छात्र के परिजनों से फोन पर साढ़े नौ लाख रुपये की फिरौती मांगी है। परिजनों द्वारा गरीबी का हवाला दिया तो अपहृता साढे़ तीन लाख रुपये पर राजी हो गए हैं। चेतावनी दी अगर इसकी भनक पुलिस को लगी तो बच्चा जीवित नहीं बचेगा।
थाना क्षेत्र के गांव छीछामई निवासी सात वर्षीय हरीबाबू उर्फ भोला पुत्र गीतम सिंह चार फरवरी को घर से पड़ोस की दुकान पर सामान खरीदने गया था लेकिन लौट कर घर नहीं पहुंचा। देर रात तक परिजन तलाश करते रहे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पांच फरवरी को इस मामले में छात्र के पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
दस फरवरी को उसके चाचा के फोन पर फोन आया और कहा कि अगर तुम बच्चे को सकुशल चाहते हो तो साढ़े नौ लाख रुपये का इंतजाम कर लो। 19 फरवरी तक रकम नहीं पहुंचाई और इसकी भनक पुलिस को दी तो बच्चे से हाथ धोना पड़ेगा।
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फिरौती का फोन आते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे की मां का रो-रो कर बुरा हाल है। उधर पिता अपहृताओं की मांग को पूरा करने के लिए रुपयों के इंतजाम में लगा हुआ था। छात्र के पिता ने बताया कि जब उसने दूसरे दिन फोन आने पर अपहृताओं से कहा कि हम गरीब हैं। इतनी बड़ी रकम का इतजाम नहीं कर पाएंगे। इस पर अपहृताओं ने उस पर दया दिखाते हुए साढ़े तीन लाख रुपये से कम पर समझौता न करने की बात कही।
चेतावनी दी अगर 19 फरवरी तक रुपये नहीं पहुंचाए तो बच्चे से हाथ धोना पड़ेगा। अपहृताओं की धमकी के बाद छात्र के परिवार में सन्नाटा पसर गया है। देर रात क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मीटिंग कर छात्र के परिजनों के साथ छात्र को मुक्त कराने के लिए गुप्त मीटिंग की है। देर रात क्राइम ब्रांच ने छात्र की बरामदी के लिए दबिश भी दीं।
फोटो संख्या सात
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थाना क्षेत्र के गांव छीछामई निवासी सात वर्षीय हरीबाबू उर्फ भोला पुत्र गीतम सिंह चार फरवरी को घर से पड़ोस की दुकान पर सामान खरीदने गया था लेकिन लौट कर घर नहीं पहुंचा। देर रात तक परिजन तलाश करते रहे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पांच फरवरी को इस मामले में छात्र के पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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दस फरवरी को उसके चाचा के फोन पर फोन आया और कहा कि अगर तुम बच्चे को सकुशल चाहते हो तो साढ़े नौ लाख रुपये का इंतजाम कर लो। 19 फरवरी तक रकम नहीं पहुंचाई और इसकी भनक पुलिस को दी तो बच्चे से हाथ धोना पड़ेगा।
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फिरौती का फोन आते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे की मां का रो-रो कर बुरा हाल है। उधर पिता अपहृताओं की मांग को पूरा करने के लिए रुपयों के इंतजाम में लगा हुआ था। छात्र के पिता ने बताया कि जब उसने दूसरे दिन फोन आने पर अपहृताओं से कहा कि हम गरीब हैं। इतनी बड़ी रकम का इतजाम नहीं कर पाएंगे। इस पर अपहृताओं ने उस पर दया दिखाते हुए साढ़े तीन लाख रुपये से कम पर समझौता न करने की बात कही।
चेतावनी दी अगर 19 फरवरी तक रुपये नहीं पहुंचाए तो बच्चे से हाथ धोना पड़ेगा। अपहृताओं की धमकी के बाद छात्र के परिवार में सन्नाटा पसर गया है। देर रात क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मीटिंग कर छात्र के परिजनों के साथ छात्र को मुक्त कराने के लिए गुप्त मीटिंग की है। देर रात क्राइम ब्रांच ने छात्र की बरामदी के लिए दबिश भी दीं।
फोटो संख्या सात