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फिर जयगुरुदेव आश्रम की जमीन की नापजोख में जुटे अफसर
Updated Thu, 07 Dec 2017 08:32 PM IST
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- फोटो : डेमो
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मथुरा। एक बार फिर जयगुरुदेव आश्रम में प्रशासनिक अफसरों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक प्लाट की नापजोख कराई। इसके लिए दो एडीएम, एक एसडीएम, दो तहसीलदार सहित यूपीएसआईडीसी के अफसर देर शाम तक जयगुरुदेव आश्रम में जमे रहे। नापजोख के दौरान सर्वे की प्रक्रिया चकबंदी और राजस्व विभाग की टीम ने पूरी की।
जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था की याचिका पर पिछले माह सात नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम मथुरा को आश्रम क्षेत्र स्थित एक प्लाट की नापजोख के आदेश दिए थे। इसमें संस्था ने 1.94 एकड़ जमीन यूपीएसआईडीसी से दिलाने की मांग इलाहाबाद हाईकोर्ट से की थी। कोर्ट के आदेश पर 17 नवंबर को प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में नापजोख की गई, लेकिन जयगुरुदेव आश्रम ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी। इस आपत्ति के बाद डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने एडीएम कानून व्यवस्था रमेशचंद्र, एडीएम वित्त रवींद्र कुमार को पुन: नापजोख के निर्देश दिए।
इस पर गुरुवार को दोनों एडीएम ने फिर से संबंधित जमीन का सर्वे राजस्व और चकबंदी की संयुक्त टीम द्वारा कराया। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम सदर क्रांतिशेखर सिंह, एसएलओ, एसओसी, तहसीलदार सदर और छाता सहित यूपीएसआईडीसी व जयगुरुदेव संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यह प्रक्रिया देर शाम तक चली। इसमें प्लाट का क्षेत्रफल कम होने पर निकटवर्ती सड़क की भी नापजोख की गई। शुक्रवार को अफसरों की टीम अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी। इस मामले में अगली सुनवाई इसी माह होनी है।
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जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था की याचिका पर पिछले माह सात नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम मथुरा को आश्रम क्षेत्र स्थित एक प्लाट की नापजोख के आदेश दिए थे। इसमें संस्था ने 1.94 एकड़ जमीन यूपीएसआईडीसी से दिलाने की मांग इलाहाबाद हाईकोर्ट से की थी। कोर्ट के आदेश पर 17 नवंबर को प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में नापजोख की गई, लेकिन जयगुरुदेव आश्रम ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी। इस आपत्ति के बाद डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने एडीएम कानून व्यवस्था रमेशचंद्र, एडीएम वित्त रवींद्र कुमार को पुन: नापजोख के निर्देश दिए।
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इस पर गुरुवार को दोनों एडीएम ने फिर से संबंधित जमीन का सर्वे राजस्व और चकबंदी की संयुक्त टीम द्वारा कराया। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम सदर क्रांतिशेखर सिंह, एसएलओ, एसओसी, तहसीलदार सदर और छाता सहित यूपीएसआईडीसी व जयगुरुदेव संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यह प्रक्रिया देर शाम तक चली। इसमें प्लाट का क्षेत्रफल कम होने पर निकटवर्ती सड़क की भी नापजोख की गई। शुक्रवार को अफसरों की टीम अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी। इस मामले में अगली सुनवाई इसी माह होनी है।
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