फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   25 Years After Agra Diwani Lathi Charge, RTI Seeks Malviya Commission Report and Action Taken Details

दीवानी लाठीचार्ज: 25 साल बाद भी फाइलों में अटका न्याय, सच्चाई न आई सामने; RTI में मांगी मालवीय आयोग की रिपोर्ट

Sat, 26 Sep 2026 12:38 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 26 Sep 2026 12:38 PM IST
सार

26 सितंबर 2001 को आगरा दीवानी परिसर में हुए अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज के 25 साल बाद भी मामले की जांच और कार्रवाई का रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं हो सका है। अब अधिवक्ता नरेश पारस ने आरटीआई के जरिए मालवीय आयोग की रिपोर्ट, एक्शन टेकन रिपोर्ट और दोषी अधिकारियों पर हुई कार्रवाई का विवरण मांगा है।

विज्ञापन
25 Years After Agra Diwani Lathi Charge, RTI Seeks Malviya Commission Report and Action Taken Details
आगरा दीवानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा दीवानी न्यायालय परिसर में 26 सितंबर 2001 को अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के 25 साल बाद भी न्याय की राह टकरावों से भरी हुई है। अधिवक्ता नरेश पारस ने आरटीआई के जरिए जस्टिस गिरधर मालवीय जांच आयोग की रिपोर्ट और उस पर हुई कार्रवाई का पूरा हिसाब मांगा है। गृह विभाग ने आरटीआई को डीजीपी कार्यालय स्थानांतरित कर दिया है। अब अगला पड़ाव सूचना का जवाब है। अगर रिपोर्ट, एक्शन टेकन रिपोर्ट और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज मिल जाते हैं, तो 25 साल पुराने इस मामले की असल सच्चाई सामने आ सकेगी।
विज्ञापन


पूछे गए पांच सवाल
1. आयोग की ओर से शासन को भेजी गई संपूर्ण जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति।
2. रिपोर्ट के आधार पर तैयार एक्शन टेकन रिपोर्ट, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई, नोटशीट और पूरी पत्रावली की प्रमाणित प्रतियां।

3. जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3 और 4 के अनुपालन में रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखे जाने और कार्रवाई ज्ञापन से जुड़ा रिकॉर्ड।
4. रिपोर्ट में दोषी चिह्नित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नामवार सूची और दंडात्मक कार्रवाई का विवरण।

5. प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच या न्यायिक प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति।

आयोग ने वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की थी
उच्च न्यायालय खंडपीठ आगरा की मांग को लेकर अधिवक्ता आंदोलनरत थे। 25 सितंबर 2001 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिवक्ता मथुरा में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। अगले दिन 26 सितंबर को दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं की बैठक के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई। लाठीचार्ज में बड़ी संख्या में अधिवक्ता घायल हुए। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चोटें आईं। जांच के लिए जस्टिस गिरधर मालवीय आयोग बना। आयोग ने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर प्रतिकूल निष्कर्ष देते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी।
विज्ञापन


काला दिवस मनाया, एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने काला दिवस मनाया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश जन मंच के पदाधिकारी और अधिवक्ता दीवानी परिसर में एकत्र हुए। हाथों में काला कपड़ा लेकर वी वांट हाईकोर्ट और वी वांट जस्टिस के नारों के साथ प्रभात फेरी निकाली। गेट नंबर 2 के बाहर एमजी रोड पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में यूनाइटेड बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप कुमार शर्मा के नेतृत्व में मालवीय आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला को दिया गया। इस दौरान जनमंच के अध्यक्ष अजय चौधरी, संरक्षक दुर्ग विजय सिंह भैया, वीरेंद्र फौजदार, यूनाइटेड बार एसोसिएशन के सचिव दीपक नागर, नरेश पारस, विवेक पारासर, भूपेंद्र शर्मा, विमल बघेल, मुकेश शर्मा व अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed