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कमजोर प टरियों सुदृढ़ कर रहा रेलवे, कॉशन देकर निकली ट्रेनें
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कासगंज। कासगंज-कानपुर मार्ग का सोमवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान रेल पटरियां कमजोर नजर आईं। ऐसे में रेलवे ने आनन फानन में काम शुरू किया। इस दौरान पांच ट्रेनों और कुछ मालगाड़ियां कॉशन देकर निकाली गईं। रेलवे ने मथुरा और बरेली रेलमार्ग पर भी काम की जरूरत बताई है।
कासगंज-मथुरा और कासगंज-कानपुर मार्ग पर पिछले दिनों चटकी रेल पटरियों से कई ट्रेेनें गुजर गईं। हालांकि गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। रविवार को बिहार में हादसे के बाद रेलवे ने अलर्ट जारी किया। इसके बाद रेलवे ने सतर्कता बरतते हुए पटरियों की निगरानी बढ़ाई है।
सोमवार को रेल पटरियों पर परीक्षण के लिए पेट्रोलिंग कर रहे रेलकर्मियों ने कानपुर मार्ग पर मरम्मत की जरूरत बताई। बढ़ारीकलां स्टेशन के समीप पटरी काफी कमजोर नजर आईं। इस पर रेलवे ने आनन-फानन में काम शुरू कर दिया।
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इस दौरान कॉशन देकर पांच ट्रेनों और कुछ मालगाड़ियां गुजारी गईं। रेलकर्मियों ने परीक्षण में पाया कि अभी कासगंज-कानपुर और कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर पटरियों की मरम्मत की जरूरत है।
पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि रेल पटरियों पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। बिहार हादसे के बाद निगरानी बढ़ाई गई है। कासगंज में बैल्डिंग टीम निरंतर पटरियों का परीक्षण कर काम कर रही है।
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कासगंज-मथुरा और कासगंज-कानपुर मार्ग पर पिछले दिनों चटकी रेल पटरियों से कई ट्रेेनें गुजर गईं। हालांकि गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। रविवार को बिहार में हादसे के बाद रेलवे ने अलर्ट जारी किया। इसके बाद रेलवे ने सतर्कता बरतते हुए पटरियों की निगरानी बढ़ाई है।
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सोमवार को रेल पटरियों पर परीक्षण के लिए पेट्रोलिंग कर रहे रेलकर्मियों ने कानपुर मार्ग पर मरम्मत की जरूरत बताई। बढ़ारीकलां स्टेशन के समीप पटरी काफी कमजोर नजर आईं। इस पर रेलवे ने आनन-फानन में काम शुरू कर दिया।
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इस दौरान कॉशन देकर पांच ट्रेनों और कुछ मालगाड़ियां गुजारी गईं। रेलकर्मियों ने परीक्षण में पाया कि अभी कासगंज-कानपुर और कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर पटरियों की मरम्मत की जरूरत है।
पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि रेल पटरियों पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। बिहार हादसे के बाद निगरानी बढ़ाई गई है। कासगंज में बैल्डिंग टीम निरंतर पटरियों का परीक्षण कर काम कर रही है।