{"_id":"5bfeca6dbdec2241cb56a99e","slug":"21543424621-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भव्यता से आयोजित होगा मेला मार्गशीर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भव्यता से आयोजित होगा मेला मार्गशीर्ष
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
तिगरी मेला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। सोरों में आयोजित होने वाला मेला मार्गशीर्ष को भव्यता से आयोजित किया जाएगा। यह मेला 16 दिसंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित होगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक कर व्यवस्थाएं मेला के शुभारंभ होने से पूर्व बनाए जाने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचकोसी यात्रा के रास्ते को ठीक कराकर प्रकाश व सफाई व्यवस्था की जाएं। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था सहित वाहनों की पार्किंग, प्रकाश एवं सफाई, शौचालय, स्नान, पेयजल, अग्निशमन आदि की समुचित व्यवस्थाएं अच्छे ढंग से की हों। हरिपदी गंगा में श्रद्धालुओ के स्नान के लिए मेला अवधि तक निरंतर जलापूर्ति कराई जाएगी। मेले के लिए 50 किलोवाट का अस्थाई कनेक्शन स्वीकृत कराकर 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। चिकित्सा शिविर, वाहनों के लिए पार्किंग स्थल एवं अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था कराई जाएं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कृषि, वन, पशु चिकित्सा, बाल विकास सहित अन्य विभाग के प्रदर्शनी स्टाल लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी बनाई जाएगी और अस्थाई टावर लगाया जाएगा।
सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार, सीएमओ डा. प्रतिमा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष सोरों मुन्नी देवी, एसडीएम, ईओ सोरों, सीओ, एआरटीओ एवं संबंधित अधिकारी व समाजसेवी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेला ग्राउंड में पहुंचने लगे खेल तमाशे व दुकानदार
सोरों। मार्गशीर्ष मेले के लिए अभी से खेल तमाशे वाले एवं दुकानदार भी पहुंचने लगे हैं। उनके द्वारा सामान मेले ग्राउंड में पहुंचाना शुरू कर दिया है और अपनी दुकानों को लगाने लगे हैं। वहीं पालिका के द्वारा मेले की तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। ग्राउंड के गेटों की रंगाई पुताई की जा रही हैं। दुकानदारों के द्वारा पालिका प्रशासन से जमीन का आवंटन प्राप्त कर दुकानें लगाने शुरू कर दिया है। जिससे मेलों शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
ये रहेंगे मार्गशीर्ष मेले के स्नान
सोरों। भगवान वराह के शूकर क्षेत्र की धरा पर अवतरित होने के दिवस मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी 19 दिसंबर को प्रथम स्नान पर्व, भगवान वराह के मोक्ष दिवस मार्गशीर्ष द्वादशी 20 दिसंबर को द्वितीय स्नान पर्व, त्रयोदशी 21 दिसंबर को नागा साधुओं का शाही स्नान एवं 23 दिसंबर पूर्णिमा को अंतिम स्नान पर्व होगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचकोसी यात्रा के रास्ते को ठीक कराकर प्रकाश व सफाई व्यवस्था की जाएं। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था सहित वाहनों की पार्किंग, प्रकाश एवं सफाई, शौचालय, स्नान, पेयजल, अग्निशमन आदि की समुचित व्यवस्थाएं अच्छे ढंग से की हों। हरिपदी गंगा में श्रद्धालुओ के स्नान के लिए मेला अवधि तक निरंतर जलापूर्ति कराई जाएगी। मेले के लिए 50 किलोवाट का अस्थाई कनेक्शन स्वीकृत कराकर 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। चिकित्सा शिविर, वाहनों के लिए पार्किंग स्थल एवं अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था कराई जाएं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कृषि, वन, पशु चिकित्सा, बाल विकास सहित अन्य विभाग के प्रदर्शनी स्टाल लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी बनाई जाएगी और अस्थाई टावर लगाया जाएगा।
विज्ञापन
सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार, सीएमओ डा. प्रतिमा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष सोरों मुन्नी देवी, एसडीएम, ईओ सोरों, सीओ, एआरटीओ एवं संबंधित अधिकारी व समाजसेवी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेला ग्राउंड में पहुंचने लगे खेल तमाशे व दुकानदार
सोरों। मार्गशीर्ष मेले के लिए अभी से खेल तमाशे वाले एवं दुकानदार भी पहुंचने लगे हैं। उनके द्वारा सामान मेले ग्राउंड में पहुंचाना शुरू कर दिया है और अपनी दुकानों को लगाने लगे हैं। वहीं पालिका के द्वारा मेले की तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। ग्राउंड के गेटों की रंगाई पुताई की जा रही हैं। दुकानदारों के द्वारा पालिका प्रशासन से जमीन का आवंटन प्राप्त कर दुकानें लगाने शुरू कर दिया है। जिससे मेलों शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
ये रहेंगे मार्गशीर्ष मेले के स्नान
सोरों। भगवान वराह के शूकर क्षेत्र की धरा पर अवतरित होने के दिवस मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी 19 दिसंबर को प्रथम स्नान पर्व, भगवान वराह के मोक्ष दिवस मार्गशीर्ष द्वादशी 20 दिसंबर को द्वितीय स्नान पर्व, त्रयोदशी 21 दिसंबर को नागा साधुओं का शाही स्नान एवं 23 दिसंबर पूर्णिमा को अंतिम स्नान पर्व होगा।