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अब तहसीलदार करेंगे 72 स्कूलों के भू अ भलेखों की जांच
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:46 PM IST
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एटा। जिले के 176 विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच में 72 विद्यालय संदिग्ध पाए गए है। जिनके अभिलेखों की हकीकत जानने के लिए अब तीनों तहसीलदारों को जांच सौंपी जाने की तैयारी कर ली गई है। जिससे तहसीलदार अपने अपने अभिलेखों से विद्यालयों के अभिलेखों का मिलान कर अपनी रिपोर्ट सौंप सके।
दरअसल, जिले के वित्त विहीन विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि 72 विद्यालयों के अभिलेख उन्हें संदिग्ध पाए गए है। भू अभिलेखों की सत्यता के लिए तीनों तहसीलदारों से अब जांच कराई जाएगी। जिससे विद्यालय संचालकों द्वारा दिए गए दस्तावेज और तहसील दस्तावेजों का मिलान कराया जा सके। एडीएम शर्मा ने बताया कि सबसे अधिक सदर तहसील में करीब 30 विद्यालय है। बाकी अलीगंज 42 विद्यालय जलेसर और अलीगंज तहसील में है।
बताते चलें कि जिले के वित्तविहीन विद्यालयों के भू अभिलेखों को लेकर वर्ष 2010 में तत्कालीन जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई थी। तभी से इन विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच की जा रही है। हालांकि पूर्व में की गई जांच में भी विद्यालयों के भू अभिलेखों में गड़बड़झाला मिला था। मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पूर्व में भी गड़बड़झाला की रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। मगर एक बार फिर जांच कराई जा रही है।
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- कई विद्यालयों ने कर लिए मानक पूरे
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जांच पिछले सात आठ वर्ष से अधर में लटकी हुई है। पूर्व में जब कुछ विद्यालयों के भू अभिलेखों को लेकर गड़बड़ी पाई थी। उस दौरान से ही कुछ विद्यालय संचालकों ने भू अभिलेखों के मानक पूरे कर लिए है।
भू अभिलेखों की सही तरीके से जांच तहसील से हो सकती है। इसलिए तीनों तहसीलदारों को उनकी तहसील के विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। तीनों तहसीलदारों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महेश चंद्र शर्मा, एडीएम - वित्त एवं राजस्व
दरअसल, जिले के वित्त विहीन विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि 72 विद्यालयों के अभिलेख उन्हें संदिग्ध पाए गए है। भू अभिलेखों की सत्यता के लिए तीनों तहसीलदारों से अब जांच कराई जाएगी। जिससे विद्यालय संचालकों द्वारा दिए गए दस्तावेज और तहसील दस्तावेजों का मिलान कराया जा सके। एडीएम शर्मा ने बताया कि सबसे अधिक सदर तहसील में करीब 30 विद्यालय है। बाकी अलीगंज 42 विद्यालय जलेसर और अलीगंज तहसील में है।
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बताते चलें कि जिले के वित्तविहीन विद्यालयों के भू अभिलेखों को लेकर वर्ष 2010 में तत्कालीन जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई थी। तभी से इन विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच की जा रही है। हालांकि पूर्व में की गई जांच में भी विद्यालयों के भू अभिलेखों में गड़बड़झाला मिला था। मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पूर्व में भी गड़बड़झाला की रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है। मगर एक बार फिर जांच कराई जा रही है।
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- कई विद्यालयों ने कर लिए मानक पूरे
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जांच पिछले सात आठ वर्ष से अधर में लटकी हुई है। पूर्व में जब कुछ विद्यालयों के भू अभिलेखों को लेकर गड़बड़ी पाई थी। उस दौरान से ही कुछ विद्यालय संचालकों ने भू अभिलेखों के मानक पूरे कर लिए है।
भू अभिलेखों की सही तरीके से जांच तहसील से हो सकती है। इसलिए तीनों तहसीलदारों को उनकी तहसील के विद्यालयों के भू अभिलेखों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। तीनों तहसीलदारों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महेश चंद्र शर्मा, एडीएम - वित्त एवं राजस्व