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जिले में खराब पड़ीं हैं 177 टंकियां
Updated Sun, 15 Apr 2018 08:10 PM IST
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पानी की किल्लत
- फोटो : डैमो
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मथुरा। एक महीने हल्ला मचने के बाद भी गांवों में खराब हुईं टंकियों को पंचायत कर्मी सही नहीं करा सके। अफसरों के लाख कहने के बाद भी पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान टंकी सही कराने में रुचि नहीं ले रहे। गर्मी शुरू होते ही गांवों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है।
गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2000 लीटर क्षमता वाली 812 छोटी टंकी टैंक टाइप स्टेंड पोस्ट (टीटीएसपी) बनाई गई थीं। इनमें गत माह तक 594 टंकी ही चालू थीं। बाकी की 218 टीटीएसपी खराब पड़ी थी। इसमें कुछ की मोटर जल जाने, कुछ में केबिल फुंकने या फिर पाइप लाइन टूट जाने से बंद थी।
अब फरवरी माह से डीएम ने सभी टीटीएसपी टंकी 31 मार्च तक चालू कराने के आदेश किए, लेकिन पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान इन टंकियों को चालू कराने में रुचि नहीं ले रहे। इसके चलते 177 टीटीएसपी अब भी खराब पड़ी हैं। यह हालात तब हैं जब टीटीएसपी और हैंडपंप रिपेयर का काम जल निगम से हटाकर डीपीआरओ और ग्राम पंचायतों को सौंप दिया है।
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गत दिनों हुई डीएम की बैठक में गांवों में पानी की उपलब्धता को लेकर अफसरों के पेच कसे, फिर भी टीटीएसपी चालू नहीं हो सके। डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि ज्यादातर टीटीएसपी की बोरिंग का वाटर लेबिल नीचे चला गया है, उनको रिबोर कराया जा रहा है। कुछ में और कमी हैं उनको सहीं कराया जा रहा है।
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गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 2000 लीटर क्षमता वाली 812 छोटी टंकी टैंक टाइप स्टेंड पोस्ट (टीटीएसपी) बनाई गई थीं। इनमें गत माह तक 594 टंकी ही चालू थीं। बाकी की 218 टीटीएसपी खराब पड़ी थी। इसमें कुछ की मोटर जल जाने, कुछ में केबिल फुंकने या फिर पाइप लाइन टूट जाने से बंद थी।
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अब फरवरी माह से डीएम ने सभी टीटीएसपी टंकी 31 मार्च तक चालू कराने के आदेश किए, लेकिन पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान इन टंकियों को चालू कराने में रुचि नहीं ले रहे। इसके चलते 177 टीटीएसपी अब भी खराब पड़ी हैं। यह हालात तब हैं जब टीटीएसपी और हैंडपंप रिपेयर का काम जल निगम से हटाकर डीपीआरओ और ग्राम पंचायतों को सौंप दिया है।
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गत दिनों हुई डीएम की बैठक में गांवों में पानी की उपलब्धता को लेकर अफसरों के पेच कसे, फिर भी टीटीएसपी चालू नहीं हो सके। डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि ज्यादातर टीटीएसपी की बोरिंग का वाटर लेबिल नीचे चला गया है, उनको रिबोर कराया जा रहा है। कुछ में और कमी हैं उनको सहीं कराया जा रहा है।