फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   स्वास्थ्य केंद्रों पर न डाक्टर और न दवाएं, नहीं मिल रहा इलाज

स्वास्थ्य केंद्रों पर न डाक्टर और न दवाएं, नहीं मिल रहा इलाज

Tue, 27 Mar 2018 11:47 PM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:47 PM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य केंद्रों पर न डाक्टर और न दवाएं, नहीं मिल रहा  इलाज
doctor
फिरोजाबाद।गर्मी का मौसम शुरु होते ही सर्वाधिक बीमारियां फैलती हैं। देहात क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं खस्ताहाल हैं। बीमारियों से निटपने की कोई तैयारी नहीं हैं। अस्पतालों में चिकित्सक तैनात नहीं हैं। सिर्फ वार्ड कर्मचारी और फार्मासिस्ट के सहारे सरकारी अस्पताल चल रहे हैं।
विज्ञापन


बीमारी का नाम सुनते ही बिना जांच के फार्मासिस्ट मरीजों को दवा दे रहे हैं। यानि सरकारी अस्पतालों में पहुंचने से पहले खुद बीमारी की पहचान करनी पड़ती है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर तैनात हैं, वहां और भी स्थिति खराब है। चिकित्सक मरीज देखने नहीं आते। देहात क्षेत्रों में मरीजों का इलाज झोलाछापों के भरोसे है।
विज्ञापन


यहां डा. पंकज शर्मा, फार्मासिस्ट, एएनएम सहित छह लोग तैनात हैं। मगर यहां सिर्फ वार्ड ब्याय योगेश कुमार मौजूद थे। कक्षों में ताला लगा था। मरीज आ जा रहे थे। वार्ड ब्याय ने बताया कि चाबी हमारे पास नहीं है। मरीजों ने डाक्टर के बारे में पूछा। यह स्थिति अक्सर देखने को मिलती है, इसलिए मरीज झोलाछापों से इलाज कराने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर गंदगी का नजारा था। पानी की व्यवस्था भी नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह 11 बजे। खैरगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर में सिर्फ फार्मासिस्ट मीरा बघेल मरीजों को दवा वितरण कर रहीं थीं। यहां पर डा. रविंद्र सिंह भदौरिया तैनात हैं, लेकिन डयूटी पर नहीं थे। बताया कि सीएमओ कार्यालय बैठक में गए हैं। बिना जांच कराए मरीजों को फार्मासिस्ट से दवा लेने को मजबूर थे। यहां कमरों में सीमेंट की बोरी भरी थीं। स्टाफ ने बताया कि नहर बन रही है, उसके लिए सीमेंट का स्टॉक रूम अस्पताल को बना रखा है।

सुबह 12 बजे। इस स्वास्थ्य केंद्र पर सिर्फ फार्मासिस्ट एवं वार्ड ब्याय ही डयूटी पर मिले। बताया कि यहां डा. आशीष गुप्ता तैनात हैं। वे लंबे समय से नदारद चल रहे हैं। खांसी, बुखार की दवाएं छोड़कर अन्य दवाएं नहीं हैं। उपकेंद्र में बाहर पशु बंधे थे। टीकाकरण के लिए भी एएनएम नहीं आती हैं। सिर्फ प्राइमरी स्कूल में टीकाकरण कर चली जाती हैं।


दोपहर दो बजे। इस स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक तैनाती नहीं है। सिर्फ फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज करते हैं। स्वास्थ्य केंद्र के बरामदे में उपले पड़े थे। स्वास्थ्य केंद्र में कोचिंग संचालित होती मिली। विभाग द्वारा मना किए जाने पर भी दबंग अस्पताल में कोचिंग चलाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed