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सुरक्षित चलिए, घर पर कर रहा है कोई आपका इंतजार
Updated Tue, 13 Feb 2018 08:03 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। सुरक्षित सफर करने के लिए हेलमेट बेहद जरूरी है। हेलमेट को अपनी आदत में डालना होगा। ट्रैफिक नियमों का पालन करें। मोटरसाइकिल दो लोगों के लिए है। उस पर तीन या उससे अधिक लोग बैठाकर टेंपो कतई न बनाएं। यह सोचकर चलिए कि घर पर आपका कोई इंतजार कर रहा है।
समय-समय पर हेलमेट के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहता है। कई संस्थाओं ने कैंप लगाकर जानकारी दी। बच्चों ने भी अपील कर ली। लेकिन लोग हैं कि समझने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हेलमेट लगाते ही नहीं हैं। पूछो तो कहने लगेंगे कि कल से लगाएंगे।
आदेश हुआ था कि पेट्रोल पंपों से उन्हीं मोटरसाइकिलों में पेट्रोल डाला जाएगा जिसका चालक हेलमेट लगाए होगा। लेकिन इस नियम का भी किसी पंप पर पालन नहीं किया जा रहा है। कुछ पंपों ने बैनर तो लगा रखे हैं लेकिन हेलमेट के लिए बाध्य कोई नहीं करता है। जबकि आंकड़े बताते हैं कि हादसों में मरने वालों में सबसे ज्यादा वहीं बाइक सवार थे जिन्होंने हेलमेट नहीं लगा रखा था। या फिर बाइक पर तीन लोग बैठे थे।
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वर्ष हादसों में मरने वाले बाइक सवारों की संख्या
2015 120
2016 135
2017 146
2018 (अभी तक) 15
बगैर हेलमेट और ट्रिपलिंग में हुए चालान
वर्ष संख्या
2015 9000
2016 9800
2017 10000
2018 (अभी तक) 2000
लोगों को टोकते हैं लेकिन मानते ही नहीं
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सचिव विनीत कपूर का कहना है कि जिले में 100 पेट्रोल पंप हैं। हर पंप पर बाइक में तेल लेने आने वाले लोगों को टोका जाता है। कई बार तो वापस भी कर देते हैं लेकिन लोग मानते ही नहीं। बहाने बनाने लगते हैं। कभी कहने लगते हैं कि मरीज को लेकर जाना है।
यूं तो हर दिन बगैर हेलमेट के चलने वालों का चालान किया जाता है, लेकिन हर बुधवार को अभियान भी चलाते हैं। ट्रिपल राइडिंग करने वालों के वाहनों का भी चालान होता है।
- डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, एसपी ट्रैफिक
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समय-समय पर हेलमेट के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहता है। कई संस्थाओं ने कैंप लगाकर जानकारी दी। बच्चों ने भी अपील कर ली। लेकिन लोग हैं कि समझने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हेलमेट लगाते ही नहीं हैं। पूछो तो कहने लगेंगे कि कल से लगाएंगे।
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आदेश हुआ था कि पेट्रोल पंपों से उन्हीं मोटरसाइकिलों में पेट्रोल डाला जाएगा जिसका चालक हेलमेट लगाए होगा। लेकिन इस नियम का भी किसी पंप पर पालन नहीं किया जा रहा है। कुछ पंपों ने बैनर तो लगा रखे हैं लेकिन हेलमेट के लिए बाध्य कोई नहीं करता है। जबकि आंकड़े बताते हैं कि हादसों में मरने वालों में सबसे ज्यादा वहीं बाइक सवार थे जिन्होंने हेलमेट नहीं लगा रखा था। या फिर बाइक पर तीन लोग बैठे थे।
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वर्ष हादसों में मरने वाले बाइक सवारों की संख्या
2015 120
2016 135
2017 146
2018 (अभी तक) 15
बगैर हेलमेट और ट्रिपलिंग में हुए चालान
वर्ष संख्या
2015 9000
2016 9800
2017 10000
2018 (अभी तक) 2000
लोगों को टोकते हैं लेकिन मानते ही नहीं
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सचिव विनीत कपूर का कहना है कि जिले में 100 पेट्रोल पंप हैं। हर पंप पर बाइक में तेल लेने आने वाले लोगों को टोका जाता है। कई बार तो वापस भी कर देते हैं लेकिन लोग मानते ही नहीं। बहाने बनाने लगते हैं। कभी कहने लगते हैं कि मरीज को लेकर जाना है।
यूं तो हर दिन बगैर हेलमेट के चलने वालों का चालान किया जाता है, लेकिन हर बुधवार को अभियान भी चलाते हैं। ट्रिपल राइडिंग करने वालों के वाहनों का भी चालान होता है।
- डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, एसपी ट्रैफिक