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22 फरवरी को होगा शहरी उद्योगों पर फैसला
Updated Fri, 05 Jan 2018 07:38 PM IST
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एनजीटी
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। शहरी क्षेत्र में आबादी के बीच स्थापित उद्योगों को बाहर स्थानांतरित करने के मामले में अब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) 22 फरवरी को अपना फैसला सुनाएगा। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एनजीटी ने याची के प्रार्थना पत्र को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिवक्ता को सौंप दिया, जिसमें कोर्ट कमिश्नर से उद्योगों की जांच की अपील की गई है।
शहर में स्थापित उद्योगों से निकल रहे जहरीले रसायन यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं। इस स्थिति में इन उद्योगों को शहर से बाहर स्थानांतरित कराने की मांग के लिए एनजीटी में याचिका लंबित है। शुक्रवार को इस पर हुई सुनवाई के दौरान याची की ओर से पिछली तिथि में दिए गए प्रार्थना पत्र को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंप दिया गया, जिसमें इन उद्योगों द्वारा साइनाइड का प्रयोग किया जाना,
इसके शोधन के लिए प्लांट संचालन न करना, याचिका के दौरान 24 उद्योगों को चुपके से संचालन की सहमति देना और इस मामले की जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर से कराए जाने की अपील की गई है। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन पर 22 फरवरी को जवाब देना है, बल्कि एनजीटी अपना फैसला भी दे सकती है। याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि शुक्रवार को एनजीटी के समक्ष अपना पक्ष रखा है।
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शहर में स्थापित उद्योगों से निकल रहे जहरीले रसायन यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं। इस स्थिति में इन उद्योगों को शहर से बाहर स्थानांतरित कराने की मांग के लिए एनजीटी में याचिका लंबित है। शुक्रवार को इस पर हुई सुनवाई के दौरान याची की ओर से पिछली तिथि में दिए गए प्रार्थना पत्र को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंप दिया गया, जिसमें इन उद्योगों द्वारा साइनाइड का प्रयोग किया जाना,
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इसके शोधन के लिए प्लांट संचालन न करना, याचिका के दौरान 24 उद्योगों को चुपके से संचालन की सहमति देना और इस मामले की जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर से कराए जाने की अपील की गई है। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन पर 22 फरवरी को जवाब देना है, बल्कि एनजीटी अपना फैसला भी दे सकती है। याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि शुक्रवार को एनजीटी के समक्ष अपना पक्ष रखा है।
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