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जीएसटी में मेटल की चूड़ी कर मुक्त करने की मांग
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:56 PM IST
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फिरोजाबाद। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में कई आइटम के टैक्स रेट कम करने, रिटर्न दाखिल करने में दी गई सहूलियत का इनकम टैक्स ट्रेड टैक्स बार एसोसिएशन ने स्वागत किया है। केंद्र से मांग की है कि लाख की तरह मेटल की चूड़ी भी कर मुक्त की जाए।
डायरेक्टर कुलदीप मित्तल एडवोकेट कहा कि जीएसटी में रिटर्न दाखिल करने में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए जीएसटी काउंसिल को ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में व्यापारी हित में जरूरी संशोधन किए गए हैं। नए संशोधनों के अनुसार 178 आइटम की टैक्स रेट 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करना सराहनीय कदम है।
अब समाधान योजना में डेढ़ करोड़ तक वार्षिक बिक्री वाले व्यापारी शामिल हो सकते हैं। निर्माता व्यापारियों के लिए कर की दर दो प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी गई है। जिन्हें अपना रिटर्न त्रैमासिक देना होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेशचंद जैन ने कहा कि व्यापारी हित में यदि सरकार ने पहले ही संशोधन कर दिए होते तो देशभर में व्यापारी विरोध में न खड़े होते।
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समय रहते संशोधन करने से व्यापारियों के साथ अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली है। निखिल मित्तल एडवोकेट ने कहा लाख की चूड़ी कर मुक्त होने से फिरोजाबाद के व्यापारी लाभान्वित हुए हैं। केंद्र सरकार को मेटल की चूड़ी भी कर मुक्त करनी चाहिए। ताकि सभी प्रकार की चूड़ियां कर मुक्त हों।
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डायरेक्टर कुलदीप मित्तल एडवोकेट कहा कि जीएसटी में रिटर्न दाखिल करने में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए जीएसटी काउंसिल को ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में व्यापारी हित में जरूरी संशोधन किए गए हैं। नए संशोधनों के अनुसार 178 आइटम की टैक्स रेट 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करना सराहनीय कदम है।
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अब समाधान योजना में डेढ़ करोड़ तक वार्षिक बिक्री वाले व्यापारी शामिल हो सकते हैं। निर्माता व्यापारियों के लिए कर की दर दो प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी गई है। जिन्हें अपना रिटर्न त्रैमासिक देना होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेशचंद जैन ने कहा कि व्यापारी हित में यदि सरकार ने पहले ही संशोधन कर दिए होते तो देशभर में व्यापारी विरोध में न खड़े होते।
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समय रहते संशोधन करने से व्यापारियों के साथ अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली है। निखिल मित्तल एडवोकेट ने कहा लाख की चूड़ी कर मुक्त होने से फिरोजाबाद के व्यापारी लाभान्वित हुए हैं। केंद्र सरकार को मेटल की चूड़ी भी कर मुक्त करनी चाहिए। ताकि सभी प्रकार की चूड़ियां कर मुक्त हों।