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जीएसटी : सात दिन बाद भी बाजारों में नहीं लौटी रौनक
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:39 AM IST
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आगरा। जीएसटी लागू हुए एक सप्ताह बीत गया। उम्मीद थी कि सात दिन में बाजार सामान्य हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अभी भी प्रमुख बाजारों में सन्नाटा सा पसरा है। ग्राहक बहुत कम हैं। कारोबारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन तो करा लिया है लेकिन अभी तक इसकी उलझन दूर नहीं हुई है। कहीं-कहीं तो बड़े कारोबारी छोटों को माल ही नहीं दे रहे। इसका नतीजा यह है कि बाजार में मंदी का दौर है।
सीन - एक
समय : दोपहर 12 बजे
स्थान : सदर बाजार
वीकेंड पर यहां भीड़ रहती है। शनिवार को सन्नाटा पसरा था। गिफ्ट आइटम बेचने वाले अंकित का कहना था जीएसटी लागू होने के बाद ग्राहक वस्तुओं के दाम की पड़ताल कर रहे हैं। इसके चलते मंदी है। किराना व्यापारी राजेश का कहना था एक तो ग्राहक कम हो गए हैं। दूसरा माल नहीं आ रहे हैं। एजेंसी वाले सौ सवाल कर रहे हैं, माल नहीं दे रहे।
सीन - 2
समय : दोपहर 2:30 बजे
स्थान : राजामंडी बाजार
यहां कुछ रौनक है लेकिन बड़े शो रूम खाली हैं। ठेले और फड़ वालों पर भीड़ है। जूता-चप्पल के व्यापारी राजेश जैन ने बताया कि जीएसटी का हौव्वा हो गया है। ग्राहक संशय में है। उसे लग रहा है कि हर चीज पर टैक्स लग गया है। इसी तरह बड़े कारोबारी जीएसटी को समझने में लगे हैं। जल्द ही सब ठीक हो जाएगा।
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सीन - 3
समय : दोपहर तीन बजे
स्थान : फुलट्टी सराफा बाजार
शादी का सीजन जा चुका है। ग्राहक इन दिनों कम आते हैं लेकिन जीएसटी के असर से और कम आ रहे हैं। सराफ जीएसटी पर चर्चा कर रहे हैं। कारीगर भी खाली हैं। पायजेब का काम करने वाले गौरी शंकर का कहना है कि जीएसटी के बाद से उलझनें ज्यादा हैं। पहले रजिस्ट्रेशन, अब नई दरों से बिल बनाना। इनके चलते कारोबार प्रभावित हो रहा है। टैक्स पहले भी था, लेकिन वो सिस्टम आसान था।
कालाबारी से बढ़ रहीं कीमतें
आगरा।
बाजार में कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इनमें पान मसाला, तंबाकू और कोल्ड ड्रिंक्स भी शामिल हैं। दुकानदारों का कहना है कि माल नहीं आने के कारण दाम बढ़ गए हैं। उधर, दुकानदारों के पास सेल्समैन भी इक्का दुक्का पहुंच रहे हैं। इससे कई वस्तुओं की कमी हो गई है।
सोने के गहने महंगे हुए
आगरा।
वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने से पहले और इसके बाद माल की कीमत में और ग्राहक की जेब पर क्या फर्क पड़ा।
जीएसटी से पहले जीएसटी के बाद
10 ग्राम सोने की अंगूठी 27100 (एक फीसदी टैक्स समेत 27200) 27100 (तीन फीसदी टैक्स समेत 27400)
सराफा: राजा मंडी में दिव्या ज्वैलर्स के अनूप वर्मा कहते हैं कि कोई अन्य फर्क नहीं पड़ा है। केवल टैक्स का अंतर बढ़ गया है। बट्टा आदि पहले की तरह ही काटा जा रहा है।
रेडीमेड कपड़ों पर फर्क नहीं पड़ा
रेडीमेड टीशर्ट
जीएसटी से पहले जीएसटी के बाद
500 रुपये 500 रुपये
बेलनगंज के नेताजी रेडीमेड गारमेंट के प्रोपराइटर प्रेम प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि ब्रांडेड रेडीमेड कपड़ों के दामों में जीएसटी के बाद गिरावट आई है, लेकिन अभी तक बड़ी कंपनियों ने नये रेट पर माल नहीं भेजा है। जहां तक अन्य रे़डीमेड कपड़ों का सवाल है तो उसके दामों में कोई अंतर नहीं आया है। पांच फीसदी टैक्स पहले भी था, अब भी है।
500 तक के जूते सस्ते हुए
जूता
जीसएटी से पहले जीएसटी के बाद
499 रुपये के जूते 409 रुपये
जौहरी बाजार में जूता के होलसेल व्यापारी इकबाल का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कई टैक्स कम हुए हैं। इसका फायदा कुछ ब्रांडेड शूज पर मिलेगा। लेकिन जहां तक बाजार की स्थिति है, वह बहुत ही खराब है। बाजार में न तो माल आ रहा है और न ही खरीदार।
आज से खुलेगा कपड़ा बाजार पर नहीं होगा व्यापार
आगरा। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के विरोध में कपड़ा कारोबारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। सुभाष बाजार, लोहामंडी और राजामंडी बाजार में सभाएं करके व्यापारियों ने एलान किया कि वे समाधान निकलने पर ही जीएसटी में पंजीकरण कराएंगे। इसके साथ ही रविवार से बाजार खोले जाने का फैसला लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि क्रय-विक्रय नहीं करेंगे मगर बाजार खोला जाएगा।
वस्तु एवं सेवाकर के विरोध में उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापार संगठन की ओर से सुभाष बाजार, लोहामंडी और राजामंडी के बाजारों में शनिवार को कपड़ा कारोबारियों ने बंद रखा। राजामंडी में सुंदरकांड का पाठ करके संकट दूर करने की प्रार्थना की गई। सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि कपड़ा कारोबारी अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे। इस दौरान सभाओं में व्यापारियों को जीएसटी की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने कहा कि रविवार से सभी बाजार खोले जाएंगे लेकिन विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेंगे। बाजार खोलने के बाद क्रय-विक्रय नहीं होगा क्योंकि सूरत की मंडी से माल ही नहीं आ रहा है। ऐसे में बाजार खोलकर ही विरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही कानपुर में व्यापार संगठन की बैठक में कुछ और फैसले लिए जा सकते हैं। इस मौके पर संजय अग्रवाल, ताराचंद गोयल, ब्रजकिशोर अग्रवाल, नंदकिशोर, राजीव अग्रवाल, लक्ष्मण प्रसाद, शैलेष जैन, अमित शर्मा, मुकेश जौहरी, कमलजीत, हरीश, दीपू, कुलजीत, किशन कुमार अग्रवाल, सन्नी भाई, नरेंद्र अग्रवाल, विपिन गुप्ता, किशन गर्ग, नीरज गर्ग, मोहन, रवि कुमार बंसल आदि मौजूद रहे।
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सीन - एक
समय : दोपहर 12 बजे
स्थान : सदर बाजार
वीकेंड पर यहां भीड़ रहती है। शनिवार को सन्नाटा पसरा था। गिफ्ट आइटम बेचने वाले अंकित का कहना था जीएसटी लागू होने के बाद ग्राहक वस्तुओं के दाम की पड़ताल कर रहे हैं। इसके चलते मंदी है। किराना व्यापारी राजेश का कहना था एक तो ग्राहक कम हो गए हैं। दूसरा माल नहीं आ रहे हैं। एजेंसी वाले सौ सवाल कर रहे हैं, माल नहीं दे रहे।
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सीन - 2
समय : दोपहर 2:30 बजे
स्थान : राजामंडी बाजार
यहां कुछ रौनक है लेकिन बड़े शो रूम खाली हैं। ठेले और फड़ वालों पर भीड़ है। जूता-चप्पल के व्यापारी राजेश जैन ने बताया कि जीएसटी का हौव्वा हो गया है। ग्राहक संशय में है। उसे लग रहा है कि हर चीज पर टैक्स लग गया है। इसी तरह बड़े कारोबारी जीएसटी को समझने में लगे हैं। जल्द ही सब ठीक हो जाएगा।
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सीन - 3
समय : दोपहर तीन बजे
स्थान : फुलट्टी सराफा बाजार
शादी का सीजन जा चुका है। ग्राहक इन दिनों कम आते हैं लेकिन जीएसटी के असर से और कम आ रहे हैं। सराफ जीएसटी पर चर्चा कर रहे हैं। कारीगर भी खाली हैं। पायजेब का काम करने वाले गौरी शंकर का कहना है कि जीएसटी के बाद से उलझनें ज्यादा हैं। पहले रजिस्ट्रेशन, अब नई दरों से बिल बनाना। इनके चलते कारोबार प्रभावित हो रहा है। टैक्स पहले भी था, लेकिन वो सिस्टम आसान था।
कालाबारी से बढ़ रहीं कीमतें
आगरा।
बाजार में कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इनमें पान मसाला, तंबाकू और कोल्ड ड्रिंक्स भी शामिल हैं। दुकानदारों का कहना है कि माल नहीं आने के कारण दाम बढ़ गए हैं। उधर, दुकानदारों के पास सेल्समैन भी इक्का दुक्का पहुंच रहे हैं। इससे कई वस्तुओं की कमी हो गई है।
सोने के गहने महंगे हुए
आगरा।
वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने से पहले और इसके बाद माल की कीमत में और ग्राहक की जेब पर क्या फर्क पड़ा।
जीएसटी से पहले जीएसटी के बाद
10 ग्राम सोने की अंगूठी 27100 (एक फीसदी टैक्स समेत 27200) 27100 (तीन फीसदी टैक्स समेत 27400)
सराफा: राजा मंडी में दिव्या ज्वैलर्स के अनूप वर्मा कहते हैं कि कोई अन्य फर्क नहीं पड़ा है। केवल टैक्स का अंतर बढ़ गया है। बट्टा आदि पहले की तरह ही काटा जा रहा है।
रेडीमेड कपड़ों पर फर्क नहीं पड़ा
रेडीमेड टीशर्ट
जीएसटी से पहले जीएसटी के बाद
500 रुपये 500 रुपये
बेलनगंज के नेताजी रेडीमेड गारमेंट के प्रोपराइटर प्रेम प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि ब्रांडेड रेडीमेड कपड़ों के दामों में जीएसटी के बाद गिरावट आई है, लेकिन अभी तक बड़ी कंपनियों ने नये रेट पर माल नहीं भेजा है। जहां तक अन्य रे़डीमेड कपड़ों का सवाल है तो उसके दामों में कोई अंतर नहीं आया है। पांच फीसदी टैक्स पहले भी था, अब भी है।
500 तक के जूते सस्ते हुए
जूता
जीसएटी से पहले जीएसटी के बाद
499 रुपये के जूते 409 रुपये
जौहरी बाजार में जूता के होलसेल व्यापारी इकबाल का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कई टैक्स कम हुए हैं। इसका फायदा कुछ ब्रांडेड शूज पर मिलेगा। लेकिन जहां तक बाजार की स्थिति है, वह बहुत ही खराब है। बाजार में न तो माल आ रहा है और न ही खरीदार।
आज से खुलेगा कपड़ा बाजार पर नहीं होगा व्यापार
आगरा। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के विरोध में कपड़ा कारोबारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। सुभाष बाजार, लोहामंडी और राजामंडी बाजार में सभाएं करके व्यापारियों ने एलान किया कि वे समाधान निकलने पर ही जीएसटी में पंजीकरण कराएंगे। इसके साथ ही रविवार से बाजार खोले जाने का फैसला लिया गया। व्यापारियों ने कहा कि क्रय-विक्रय नहीं करेंगे मगर बाजार खोला जाएगा।
वस्तु एवं सेवाकर के विरोध में उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापार संगठन की ओर से सुभाष बाजार, लोहामंडी और राजामंडी के बाजारों में शनिवार को कपड़ा कारोबारियों ने बंद रखा। राजामंडी में सुंदरकांड का पाठ करके संकट दूर करने की प्रार्थना की गई। सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि कपड़ा कारोबारी अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे। इस दौरान सभाओं में व्यापारियों को जीएसटी की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने कहा कि रविवार से सभी बाजार खोले जाएंगे लेकिन विरोध प्रदर्शन भी जारी रहेंगे। बाजार खोलने के बाद क्रय-विक्रय नहीं होगा क्योंकि सूरत की मंडी से माल ही नहीं आ रहा है। ऐसे में बाजार खोलकर ही विरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही कानपुर में व्यापार संगठन की बैठक में कुछ और फैसले लिए जा सकते हैं। इस मौके पर संजय अग्रवाल, ताराचंद गोयल, ब्रजकिशोर अग्रवाल, नंदकिशोर, राजीव अग्रवाल, लक्ष्मण प्रसाद, शैलेष जैन, अमित शर्मा, मुकेश जौहरी, कमलजीत, हरीश, दीपू, कुलजीत, किशन कुमार अग्रवाल, सन्नी भाई, नरेंद्र अग्रवाल, विपिन गुप्ता, किशन गर्ग, नीरज गर्ग, मोहन, रवि कुमार बंसल आदि मौजूद रहे।