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जिला अस्पताल में बनेगी फीवर डेस्क
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:41 PM IST
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मिट्टी जांच परीक्षण लैब
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिए फीवर डेस्क बनाई जा रही है। अस्पताल परिसर के आइसोलेशन वार्ड को डेंगू के मरीजों के लिए तैयार कराया जाएगा।
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. बी सागर ने बताया कि शासन ने इस बार डेंगू और चिकिनगुनिया से निटपने के लिए अस्पताल परिसर में फीवर डेस्क खोलने के आदेश दिए हैं। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अलग से दस बेड का वार्ड बनाया जाएगा। ताकि डेंगू के मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अलग वार्ड रेपिड किट से डेंगू के मरीजों की लैब में प्रमाणित जांच कराने के साथ आशाओं को सक्रिय कर एक हजार की आबादी वाले इलाकों में लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिन स्थानों पर जलभराव होता है वहां डेंगू के मच्छर तेजी से पनपते हैं। ऐसे स्थानों को चिंहित कर वहां दवा का छिड़काव कराया जाएगा। डेंगू का मच्छर दिन मे काटता है। ऐसे में लोगों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनने चाहिए।
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लोग अपने आसपास गंदगी जमा न होने दें और न ही जलभराव होने दें। कूलर की टंकी साफ रखें, लगातार पानी बदलते रहें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। खाना खाने से पहले हाथ साफ करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें। बुखार आने पर जांच कराने के बाद चिकित्सक की सलाह पर दवाई खाएं।
- डा. बी सागर, सीएमएस
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जिला अस्पताल में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिए फीवर डेस्क बनाई जा रही है। अस्पताल परिसर के आइसोलेशन वार्ड को डेंगू के मरीजों के लिए तैयार कराया जाएगा।
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. बी सागर ने बताया कि शासन ने इस बार डेंगू और चिकिनगुनिया से निटपने के लिए अस्पताल परिसर में फीवर डेस्क खोलने के आदेश दिए हैं। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अलग से दस बेड का वार्ड बनाया जाएगा। ताकि डेंगू के मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अलग वार्ड रेपिड किट से डेंगू के मरीजों की लैब में प्रमाणित जांच कराने के साथ आशाओं को सक्रिय कर एक हजार की आबादी वाले इलाकों में लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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जिन स्थानों पर जलभराव होता है वहां डेंगू के मच्छर तेजी से पनपते हैं। ऐसे स्थानों को चिंहित कर वहां दवा का छिड़काव कराया जाएगा। डेंगू का मच्छर दिन मे काटता है। ऐसे में लोगों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनने चाहिए।
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लोग अपने आसपास गंदगी जमा न होने दें और न ही जलभराव होने दें। कूलर की टंकी साफ रखें, लगातार पानी बदलते रहें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। खाना खाने से पहले हाथ साफ करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें। बुखार आने पर जांच कराने के बाद चिकित्सक की सलाह पर दवाई खाएं।
- डा. बी सागर, सीएमएस