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रोडवेज के चालक, परिचालकों सीख रहे आग बुझाने के तरीके
Updated Tue, 27 Jun 2017 05:39 PM IST
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आगरा। बरेली हादसे के बाद रोडवेज बसों में आपातकालीन गेटों को खोलने के साथ ही उनमें अग्निशमन उपकरण लगाने का काम चल रहा है। चालक, परिचालकों को भी आग बुझाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही बसों की खिड़कियों से लोहे की जाली हटाकर उनके स्थान पर शीशे लगाए जा रहे हैं। आपात परिस्थिति में शीशे तोड़ने के लिए अब बसों में एक हथौड़ी भी लटकाई जाएगी।
बरेली में पिछले दिनों रोडवेज बस में आग लगने से दो दर्जन लोगों की जलने से मौत हुई थी। इस घटना के बाद से परिवहन निगम के निदेशक ने प्रदेश की बसों में आपातकालीन गेटों को दुरुस्त रखने और अग्निशमन उपकरण के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में आगरा की रोडवेज कार्यशालाओं में इन दिनों बसों के आपातकालीन गेटों को खोला जा रहा है।
कुछेक बसों में तो इन्हें पूरी तरह बंद करा दिया गया था। इसके साथ ही बस में चार खिड़कियों को भी बतौर आपातकालीन गेट की तरह इस्तेमाल करने के लिए उनके बीच लगी लोहे की सरियों को निकालने के बाद शीशे लगाए जा रहे हैं।
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एआरएम मोहनलाल ने बताया कि शीशे तोड़ने के लिए बसों में हथौड़ी लटकाई जाएंगी। इससे यात्री आपातकाल में शीशों को तोड़कर बस से बाहर आ सकें। एआरएम ने बताया कि चार सौ से अधिक बसों में ये इंतजाम कर दिए गए हैं।
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बरेली में पिछले दिनों रोडवेज बस में आग लगने से दो दर्जन लोगों की जलने से मौत हुई थी। इस घटना के बाद से परिवहन निगम के निदेशक ने प्रदेश की बसों में आपातकालीन गेटों को दुरुस्त रखने और अग्निशमन उपकरण के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में आगरा की रोडवेज कार्यशालाओं में इन दिनों बसों के आपातकालीन गेटों को खोला जा रहा है।
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कुछेक बसों में तो इन्हें पूरी तरह बंद करा दिया गया था। इसके साथ ही बस में चार खिड़कियों को भी बतौर आपातकालीन गेट की तरह इस्तेमाल करने के लिए उनके बीच लगी लोहे की सरियों को निकालने के बाद शीशे लगाए जा रहे हैं।
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एआरएम मोहनलाल ने बताया कि शीशे तोड़ने के लिए बसों में हथौड़ी लटकाई जाएंगी। इससे यात्री आपातकाल में शीशों को तोड़कर बस से बाहर आ सकें। एआरएम ने बताया कि चार सौ से अधिक बसों में ये इंतजाम कर दिए गए हैं।