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कहीं कोहरे में कोहराम न मचा दें रोडवेज बसें
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:36 PM IST
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कहीं कोहरे में कोहराम न मचा दें रोडवेज बसें
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। किसी बस के शीशे खराब, तो किसी के दरवाजों की हालत खस्ता। यही नहीं तमाम बसों की तो लाइटें तक ठीक नहीं हैं। जी हां यूपी रोडवेज बसों का कुछ यही हाल है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम तकनीकी रूप से खुद को मजबूत करने में जुटा है। आनलाइन बुकिंग, व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, स्मार्ट कार्ड योजना के जरिए यात्रियों को सुविधाजनक सफर मुहैया कराने की पहल की जा रही है। साथ ही डिपो में भी यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है, लेकिन अधिकांश बसों में न यात्री सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है और न ही सुविधा पर। एटा डिपो से 144 बसों का संचालन होता है। इनमें से अधिकतर बसें ऐसी हैं, जो पूरी तरह बेकार हो चुकी हैं। आलम यह है कि रोडवेज बसें रास्ते में कहीं भी बंद हो जाती हैं। कई बसों में शीशे, लाइटें और गेट खराब हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मदनलाल बताते हैं कि बसों के शीशे, खिड़कियां और दरवाजों को ठीक किया जाता रहता है। सर्दियों में बसों पर विशेष ध्यान रहेगा। कोई भी बस बिना शीशे, खराब दरवाजों के साथ सड़क पर नहीं जाने दी जाएगी।
फर्स्ट एड बॉक्स भी खाली
प्राथमिक उपचार के लिए बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स भी खाली हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। हादसे के दौरान लोगों को उपचार के लिए भटकना पड़ता है।
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हर बार होते हैं हादसे
जिले में हर बार कोहरे की वजह से हादसे भी होते रहे हैं, जिसमें बसों की तकनीकी खामियां सामने आती रही हैं। फिलवक्त कोहरे से बचाव के लिए बसों में फॉग लाइट, शीशों और दरवाजों की दशा भी दुरुस्त की जा रही है।
कहते हैं यात्री
सर्दियों में सफर के दौरान ठंडी हवाएं परेशान करती हैं। रोडवेज को इंतजाम दुरुस्त करने चाहिए।
मुकेश गुप्ता
रोडवेज बसों में सर्दियों में सफर करने में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
संजीव यादव
बसों में फॉग लाइटें भी नहीं हैं। कोहरे में बसों के संचालन के दौरान काफी डर रहता है।
राजीव गुप्ता
बसों के सर्दियों में चलते समय काफी परेशानी होती है। इस मामले में रोडवेज को यात्रियों की सहूलियत का ध्यान रखना चाहिए।
ललित वर्मा
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम तकनीकी रूप से खुद को मजबूत करने में जुटा है। आनलाइन बुकिंग, व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, स्मार्ट कार्ड योजना के जरिए यात्रियों को सुविधाजनक सफर मुहैया कराने की पहल की जा रही है। साथ ही डिपो में भी यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है, लेकिन अधिकांश बसों में न यात्री सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है और न ही सुविधा पर। एटा डिपो से 144 बसों का संचालन होता है। इनमें से अधिकतर बसें ऐसी हैं, जो पूरी तरह बेकार हो चुकी हैं। आलम यह है कि रोडवेज बसें रास्ते में कहीं भी बंद हो जाती हैं। कई बसों में शीशे, लाइटें और गेट खराब हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मदनलाल बताते हैं कि बसों के शीशे, खिड़कियां और दरवाजों को ठीक किया जाता रहता है। सर्दियों में बसों पर विशेष ध्यान रहेगा। कोई भी बस बिना शीशे, खराब दरवाजों के साथ सड़क पर नहीं जाने दी जाएगी।
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फर्स्ट एड बॉक्स भी खाली
प्राथमिक उपचार के लिए बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स भी खाली हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। हादसे के दौरान लोगों को उपचार के लिए भटकना पड़ता है।
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हर बार होते हैं हादसे
जिले में हर बार कोहरे की वजह से हादसे भी होते रहे हैं, जिसमें बसों की तकनीकी खामियां सामने आती रही हैं। फिलवक्त कोहरे से बचाव के लिए बसों में फॉग लाइट, शीशों और दरवाजों की दशा भी दुरुस्त की जा रही है।
कहते हैं यात्री
सर्दियों में सफर के दौरान ठंडी हवाएं परेशान करती हैं। रोडवेज को इंतजाम दुरुस्त करने चाहिए।
मुकेश गुप्ता
रोडवेज बसों में सर्दियों में सफर करने में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
संजीव यादव
बसों में फॉग लाइटें भी नहीं हैं। कोहरे में बसों के संचालन के दौरान काफी डर रहता है।
राजीव गुप्ता
बसों के सर्दियों में चलते समय काफी परेशानी होती है। इस मामले में रोडवेज को यात्रियों की सहूलियत का ध्यान रखना चाहिए।
ललित वर्मा