{"_id":"5bdb3bacbdec22693a6642f5","slug":"201541094316-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 364 चयनितों पर जांच की आंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 364 चयनितों पर जांच की आंच
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एटा। 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच के साथ ही जिले में चयनित 364 पर भी जांच की आंच आ गई है। बताते चलें कि जिले को दो बार आवंटित 364 पदों पर 342 को तैनाती मिल चुकी है।
शुरू से ही विवादों में रही शिक्षक चयन प्रक्रिया के सीबीआई जांच के आदेश होने के साथ ही जिले में तैनाती पा चुके शिक्षक शिक्षिकाओं की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। बताते चलें कि जिले को दो बार पदों का आंवटन हुआ था। पहले चरण में 315 और दूसरी बार में 49 पद आवंटित हुए थे। ऐसे में इनकी काउंसलिंग भी दो चरणों में पांच व छह सितंबर को हुई थी।
इनमें से 342 को तैनाती मिल गई। जबकि शेष चयनितों के प्रमाणपत्रों की सत्यापन आख्या का इंतजार है। नियुक्त हुए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की अधूरी जांच के चलते इन्हें अभी वेतन भुगतान नहीं हो सका है। आदेश के बाद तैनाती पा चुके शिक्षक शिक्षिकाएं जहां मायूस हैं। वहीं चयन से वंचित रहे अभ्यर्थियों ने इसका स्वागत किया है।
विज्ञापन
-----------
तैनाती में भी हुआ अन्याय
दो बार आवंटित हुए पदों के चलते जिले के चयनितों को तैनाती स्थलों में न्याय नहीं मिल सका। आरोप है कि ऊंची मेरिट वाले जहां सैकड़ों किमी दूर नियुक्ति पा सके वहीं नीची मेरिट वालों को जिले में ही नियुक्त कर दिया गया। बताते चलें कि बाद में आई लो मेरिट वाले 49 चयनितों की सूची में से अधिकांश जिले में ही तैनात हैं।
शुरू से ही विवादों में रही शिक्षक चयन प्रक्रिया के सीबीआई जांच के आदेश होने के साथ ही जिले में तैनाती पा चुके शिक्षक शिक्षिकाओं की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। बताते चलें कि जिले को दो बार पदों का आंवटन हुआ था। पहले चरण में 315 और दूसरी बार में 49 पद आवंटित हुए थे। ऐसे में इनकी काउंसलिंग भी दो चरणों में पांच व छह सितंबर को हुई थी।
विज्ञापन
इनमें से 342 को तैनाती मिल गई। जबकि शेष चयनितों के प्रमाणपत्रों की सत्यापन आख्या का इंतजार है। नियुक्त हुए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की अधूरी जांच के चलते इन्हें अभी वेतन भुगतान नहीं हो सका है। आदेश के बाद तैनाती पा चुके शिक्षक शिक्षिकाएं जहां मायूस हैं। वहीं चयन से वंचित रहे अभ्यर्थियों ने इसका स्वागत किया है।
विज्ञापन
-----------
तैनाती में भी हुआ अन्याय
दो बार आवंटित हुए पदों के चलते जिले के चयनितों को तैनाती स्थलों में न्याय नहीं मिल सका। आरोप है कि ऊंची मेरिट वाले जहां सैकड़ों किमी दूर नियुक्ति पा सके वहीं नीची मेरिट वालों को जिले में ही नियुक्त कर दिया गया। बताते चलें कि बाद में आई लो मेरिट वाले 49 चयनितों की सूची में से अधिकांश जिले में ही तैनात हैं।