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लेखपालों के धरनास्थल पर पुलिस के छापे, मांट में गिरफ्तारी
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:53 PM IST
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धरनास्थल पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मथुरा/मांट। हड़ताली लेखपालों पर एस्मा के तहत कार्रवाई करने संबंधी शासन के आदेश पर शनिवार को बड़े स्तर पर पुलिस ने धरनास्थलों पर छापेमारी की है। छाता तहसील में डीएम और एसएसपी ने छापा मारा, जबकि बाकी तहसीलों में पुलिस पहुंची।
इस दौरान मांट तहसील में नामजद शाखा मंत्री नितिन चौधरी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इस गिरफ्तारी से आक्रोशित लेखपालों ने थाने को घेराव लिया। जनपद भर के लेखपाल मांट पहुंच गए और सामूहिक गिरफ्तारी मांग करने लगे।
जिला प्रशासन ने अब हड़ताली लेखपालों से निपटने के लिए पूरी तरह से आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। लेखपाल संघ के 11 पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अब उन्हें पकड़ने के लिए तहसील स्तरीय धरना स्थलों पर छापेमारी की जा रही है। सदर तहसील में पुलिस ने धरनारत लेखपालों को स्थल से हटा दिया। गोवर्धन, महावन में भी यही कार्रवाई की गई। छाता में इस कार्रवाई में डीएम सर्वज्ञराम मिश्र और एसएसपी बबलू कुमार शामिल हुए। इस दौरान कहीं भी कोई नामजद पदाधिकारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन मांट तहसील में पुलिस ने शाखा मंत्री नीरज चौधरी को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया।
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इसके विरोध में तहसील लेखपालों ने थाना का घेराव कर लिया। जनपद के अन्य लेखपाल भी इसके बाद मांट पहुंच गए। सामूहिक गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। एसडीएम मांट ने सामूहिक गिरफ्तारी से स्पष्ट मना कर दिया।
हड़ताल का आमजन पर पड़ने लगा असर
लेखपालों की हड़ताल का अब आमजन पर भी असर पड़ने लगा है। खासकर प्रवेश प्रक्रिया से गुजर रहे छात्र-छात्राएं बहुत परेशान हैं। इसके लिए डीएम द्वारा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की रिपोर्ट के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी कारगर साबित नहीं हो रही है।
घरों पर नहीं पहुंच रहे हड़ताली नेता
लेखपालों की हड़ताल के प्रति शासन के कड़े नजरिये को देखते हुए कर्मचारी नेताओं ने अब घरों पर जाना बंद कर दिया है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद आशंका है कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए घरों पर भी छापेमारी कर सकती है।
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इस दौरान मांट तहसील में नामजद शाखा मंत्री नितिन चौधरी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इस गिरफ्तारी से आक्रोशित लेखपालों ने थाने को घेराव लिया। जनपद भर के लेखपाल मांट पहुंच गए और सामूहिक गिरफ्तारी मांग करने लगे।
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जिला प्रशासन ने अब हड़ताली लेखपालों से निपटने के लिए पूरी तरह से आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। लेखपाल संघ के 11 पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अब उन्हें पकड़ने के लिए तहसील स्तरीय धरना स्थलों पर छापेमारी की जा रही है। सदर तहसील में पुलिस ने धरनारत लेखपालों को स्थल से हटा दिया। गोवर्धन, महावन में भी यही कार्रवाई की गई। छाता में इस कार्रवाई में डीएम सर्वज्ञराम मिश्र और एसएसपी बबलू कुमार शामिल हुए। इस दौरान कहीं भी कोई नामजद पदाधिकारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन मांट तहसील में पुलिस ने शाखा मंत्री नीरज चौधरी को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया।
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इसके विरोध में तहसील लेखपालों ने थाना का घेराव कर लिया। जनपद के अन्य लेखपाल भी इसके बाद मांट पहुंच गए। सामूहिक गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। एसडीएम मांट ने सामूहिक गिरफ्तारी से स्पष्ट मना कर दिया।
हड़ताल का आमजन पर पड़ने लगा असर
लेखपालों की हड़ताल का अब आमजन पर भी असर पड़ने लगा है। खासकर प्रवेश प्रक्रिया से गुजर रहे छात्र-छात्राएं बहुत परेशान हैं। इसके लिए डीएम द्वारा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की रिपोर्ट के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी कारगर साबित नहीं हो रही है।
घरों पर नहीं पहुंच रहे हड़ताली नेता
लेखपालों की हड़ताल के प्रति शासन के कड़े नजरिये को देखते हुए कर्मचारी नेताओं ने अब घरों पर जाना बंद कर दिया है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद आशंका है कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए घरों पर भी छापेमारी कर सकती है।