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तौलिये से गला दबाकर मारा था दीपांशु को
Updated Tue, 12 Jun 2018 07:48 PM IST
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मथुरा। नोएडा के गौर सिटी के फ्लैट नंबर 1206 में दीपांशु को तौलिये से गला घोंटकर मारा गया था। बाद में शव के दो टुकड़े करके वृंदावन ले आए। पुलिस ने पौरुष और विशाल को तो सोमवार को ही शव के साथ गिरफ्तार कर लिया था जबकि मनोज उर्फ कुट्ट को आज पकड़ लिया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
नोएडा की गौर सिटी के फ्लैट नंबर 1206 में गाजियाबाद के सिहानी निवासी दीपांशु (23) पुत्र देवेंद त्यागी की हत्या उसके फुफेरे भाई और उसके दो दोस्तों ने की थी। हत्या के पीछे पौरुष और दीपांशु में शराब पीने के वक्त हुआ झगड़ा बताया जा रहा है। एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि
कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार सिंह और एसआई विपिन गौतम ने दो हत्यारोपियों को गाजियाबाद के संजय नगर निवासी विशाल त्यागी पुत्र अरुण कुमार त्यागी और मध्य प्रदेश के कटनी की पीडब्लूडी कालोनी निवासी पौरुष समाधिया पुत्र सुनील कुमार को वृंदावन में शव को ठिकाने लगाने से पहले ही दबोच लिया। तीसरे हत्यारोपी उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर निवासी मनोज उर्फ कुट्टू पुत्र महादेव पिल्लई को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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खून नहीं रिसता तो मुश्किल होता हत्या का खुलासा
मथुरा। यदि ट्राली बैग से खून नहीं रिसता तो दीपांशु की मौत का राज दफन हो जाता। हो सकता है कि 72 घंटे में उसकी शिनाख्त न होने पर वृंदावन पुलिस अंतिम संस्कार अज्ञात में कर देती। यह तो गनीमत मानो कि ऑटो में ले जा रहे ट्राली बैग से रिसते खून को देख रमणरेती मार्ग के दुकानदारों ने पुलिस को सूचित कर दिया।
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नोएडा की गौर सिटी के फ्लैट नंबर 1206 में गाजियाबाद के सिहानी निवासी दीपांशु (23) पुत्र देवेंद त्यागी की हत्या उसके फुफेरे भाई और उसके दो दोस्तों ने की थी। हत्या के पीछे पौरुष और दीपांशु में शराब पीने के वक्त हुआ झगड़ा बताया जा रहा है। एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि
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कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार सिंह और एसआई विपिन गौतम ने दो हत्यारोपियों को गाजियाबाद के संजय नगर निवासी विशाल त्यागी पुत्र अरुण कुमार त्यागी और मध्य प्रदेश के कटनी की पीडब्लूडी कालोनी निवासी पौरुष समाधिया पुत्र सुनील कुमार को वृंदावन में शव को ठिकाने लगाने से पहले ही दबोच लिया। तीसरे हत्यारोपी उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर निवासी मनोज उर्फ कुट्टू पुत्र महादेव पिल्लई को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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खून नहीं रिसता तो मुश्किल होता हत्या का खुलासा
मथुरा। यदि ट्राली बैग से खून नहीं रिसता तो दीपांशु की मौत का राज दफन हो जाता। हो सकता है कि 72 घंटे में उसकी शिनाख्त न होने पर वृंदावन पुलिस अंतिम संस्कार अज्ञात में कर देती। यह तो गनीमत मानो कि ऑटो में ले जा रहे ट्राली बैग से रिसते खून को देख रमणरेती मार्ग के दुकानदारों ने पुलिस को सूचित कर दिया।