{"_id":"5ac61b754f1c1ba9618b59f2","slug":"201522932597-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण पर करोड़ों खर्च, जिला अस्पताल में बालिका की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण पर करोड़ों खर्च, जिला अस्पताल में बालिका की मौत
Updated Thu, 05 Apr 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
child
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। कुपोषण से जनपद को मुक्ति दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए करोड़ों रुपयों का खर्च भी किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी जनपद में लापरवाही देखने को मिल रही है। कुपोषण से पीड़ित चार वर्षीय बालिका ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। बालिका की मौत विभाग पर कई सवाल खड़े कर रही है।
शासन द्वारा कुपोषण मुक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। यही नहीं जिला स्तर के अधिकारी इस अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसके बाद भी अभियान सफल नहीं हो पा रहा है। जनपद में अभी भी अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चों की संख्या कम नहीं हुई है। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नाका निवासी दुर्गपाल सिंह की चार वर्षीय पुत्री शबनम अतिकुपोषित थी। शबनम को परिजनों ने गंभीर हालत में बुधवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को शबनम की मौत हो गई।
विज्ञापन
शासन द्वारा कुपोषण मुक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। यही नहीं जिला स्तर के अधिकारी इस अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसके बाद भी अभियान सफल नहीं हो पा रहा है। जनपद में अभी भी अतिकुपोषित और कुपोषित बच्चों की संख्या कम नहीं हुई है। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नाका निवासी दुर्गपाल सिंह की चार वर्षीय पुत्री शबनम अतिकुपोषित थी। शबनम को परिजनों ने गंभीर हालत में बुधवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार को शबनम की मौत हो गई।
विज्ञापन