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गंभीर बीमारी बताकर लूट रहे झोलाछाप
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:43 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जनपद में झोलाछाप सक्रिय हैं। वे क्लीनिक के साथ ही झोले में ‘पैथोलॉजी’ भी चला रहे हैं। ग्रामीणों को गंभीर बीमारी बताकर उनके साथ लूट रहे हैं। मरीजों में मलेरिया आदि की जांच चायना मेड तरीकों से रिपोर्ट दो मिनट में ही दे दी जाती है। साथ ही डेंगू की पुष्टि भी कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
नगला अमर सिंह निवासी राजीव ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। वह आगरा रोड स्थित एक डॉक्टर के यहां गया। यहां डॉक्टर ने उसकी जांच कराई और उसे डेंगू की बीमारी की पुष्टि करते हुए इलाज शुरू कर दिया। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो जांच रिपोर्ट की जांच की उसमें डेंगू नहीं था। बाद में परिजन अन्य डॉक्टर के पास ले गए।
मंगलपुर निवासी टीडी सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। उन्होंने क्षेत्र के ही एक छोलाछाप डॉक्टर से उपचार लिया। उसने चाइनामेड कार्ड से जांच कर उनमें डेंगू के लक्षण बता दिए। जब उसने मैनपुरी पहुंचकर एक निजी डॉक्टर के यहां जांच कराई तो उसमें डेंगू नहीं निकला।
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केशोपुर निवासी राजू ने बताया कि उसे कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। उसने एक झोलाछाप से उपचार लिया। इस दौरान उसे डॉक्टरों ने उसे भी डेंगू के लक्षण बता दिए। बाद में जब उसने जिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराई तो उसे डेंगू के लक्षण नहीं मिले।
सीएमओ डॉ एके गुप्ता ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त उपचार की व्यवस्था है। मरीजों को चाहिए कि वे प्रशिक्षित डॉक्टर से ही उपचार लें। झोलाछाप के विरुद्ध टीम गठित की गई है। यह टीम शीघ्र ही भ्रमण कर कार्रवाई करेगी।
नगला अमर सिंह निवासी राजीव ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। वह आगरा रोड स्थित एक डॉक्टर के यहां गया। यहां डॉक्टर ने उसकी जांच कराई और उसे डेंगू की बीमारी की पुष्टि करते हुए इलाज शुरू कर दिया। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो जांच रिपोर्ट की जांच की उसमें डेंगू नहीं था। बाद में परिजन अन्य डॉक्टर के पास ले गए।
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मंगलपुर निवासी टीडी सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। उन्होंने क्षेत्र के ही एक छोलाछाप डॉक्टर से उपचार लिया। उसने चाइनामेड कार्ड से जांच कर उनमें डेंगू के लक्षण बता दिए। जब उसने मैनपुरी पहुंचकर एक निजी डॉक्टर के यहां जांच कराई तो उसमें डेंगू नहीं निकला।
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केशोपुर निवासी राजू ने बताया कि उसे कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। उसने एक झोलाछाप से उपचार लिया। इस दौरान उसे डॉक्टरों ने उसे भी डेंगू के लक्षण बता दिए। बाद में जब उसने जिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराई तो उसे डेंगू के लक्षण नहीं मिले।
सीएमओ डॉ एके गुप्ता ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त उपचार की व्यवस्था है। मरीजों को चाहिए कि वे प्रशिक्षित डॉक्टर से ही उपचार लें। झोलाछाप के विरुद्ध टीम गठित की गई है। यह टीम शीघ्र ही भ्रमण कर कार्रवाई करेगी।