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अस्पताल में अव्यवस्थाओं से परेशान हैं मरीज
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:38 PM IST
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अस्पताल में बैठे मरीज
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में भर्ती मरीज अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। यहां पीने के पानी की दिक्कत है तो वहीं अस्पताल में रक्त चाप नापने की मशीन ही खराब है। इसकी जानकारी स्टाफ ने सीएमएस को दी है।
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को उपचार के लिए उपकरण भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों का बीपी नापने के लिए रखी गई बीपी मशीन दो दिन से खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को उपचार देने में परेशानी आ रही है।
बुधवार को मशीन खराब होने की जानकारी स्टाफ नर्सों ने सीएमएस को दी लेकिन देर शाम तक मशीन नहीं बदली जा सकी थी। वहीं स्टाफ की यह भी शिकायतें हैं कि कॉल भेजे जाने पर डॉक्टर समय से नहीं आते हैं जिससे तीमारदार उन लोगों के साथ अभद्रता करने पर उतारू हो जाते हैं।
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अस्पताल में भर्ती शिव कुमार के तीमारदार राजीव कुमार ने बताया कि अस्पताल में बिजली जाने पर जेनरेटर नहीं चलाया जाता है। सरोज के साथ आए तीमार दार नरेश चंद्र ने बताया कि लाइट जाने पर अस्पताल में अंधेरा छा जाता है जिससे मरीजों को भय लगता है। वहीं दिन के समय भी मरीज गर्मी और मच्छरों से जूझते रहते हैं।
दूसरी तरफ स्टाफ प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण एक-एक मरीज के साथ चार से पांच-पांच तीमारदार रहते हैं। जो मरीज के वार्ड के अदंर ही भोजन करते हैं और गंदगी फैलाते हैं।
सीएमएस डा.एके उपाध्याय मशीन खराब होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि मशीन खराब है तो उसे शीघ्र बदला जाएगा।
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को उपचार के लिए उपकरण भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों का बीपी नापने के लिए रखी गई बीपी मशीन दो दिन से खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को उपचार देने में परेशानी आ रही है।
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बुधवार को मशीन खराब होने की जानकारी स्टाफ नर्सों ने सीएमएस को दी लेकिन देर शाम तक मशीन नहीं बदली जा सकी थी। वहीं स्टाफ की यह भी शिकायतें हैं कि कॉल भेजे जाने पर डॉक्टर समय से नहीं आते हैं जिससे तीमारदार उन लोगों के साथ अभद्रता करने पर उतारू हो जाते हैं।
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अस्पताल में भर्ती शिव कुमार के तीमारदार राजीव कुमार ने बताया कि अस्पताल में बिजली जाने पर जेनरेटर नहीं चलाया जाता है। सरोज के साथ आए तीमार दार नरेश चंद्र ने बताया कि लाइट जाने पर अस्पताल में अंधेरा छा जाता है जिससे मरीजों को भय लगता है। वहीं दिन के समय भी मरीज गर्मी और मच्छरों से जूझते रहते हैं।
दूसरी तरफ स्टाफ प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण एक-एक मरीज के साथ चार से पांच-पांच तीमारदार रहते हैं। जो मरीज के वार्ड के अदंर ही भोजन करते हैं और गंदगी फैलाते हैं।
सीएमएस डा.एके उपाध्याय मशीन खराब होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि मशीन खराब है तो उसे शीघ्र बदला जाएगा।