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अवैध वसूली के मामले में श्रमिक निलंबित
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:51 PM IST
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एटा।
अलीगंज में उपभोक्ताओं से बिजली के बिल के रूप में लाखों रुपये की अवैध वसूली के मामले में श्रमिक सुनील उपाध्याय को निलंबित कर दिया है। अवैध वसूली का ऑडियो वायरल होने के बाद हुई शिकायत के बाद दक्षिणांचल विद्युत निगम के एमडी ने इस मामले में जांच बैठाई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एक्सईएन देहात राजकुमार ने श्रमिक पर कार्रवाई की है। वायरल ऑडियो में श्रमिक अवैध वसूली के लिए एसडीओ और जेई को जिम्मेदार ठहराते हुए बात कर रहा है।
अलीगंज में उपभोक्ताओं से अवैध बिजली बिल वसूली को लेकर बैठाई गई जांच में अधिकारी ने ऐसी जांच रिपोर्ट बनाई की सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं लूटी। बिजली बिल के नाम पर अवैध वसूली के जिस ऑडियो पर जांच बैठाई गई उसमें अलीगंज एसडीओ, जेई, एसडीओ के चालक और श्रमिक सुनील उपाध्याय के नाम पर चर्चा हो रही है, लेकिन जांच अधिकारी की जांच सिर्फ श्रमिक सुनील उपाध्याय के आसपास केंद्रित रखी।
हालांकि उपभोक्ताओं की शिकायत में अवैध वसूली के लिए श्रमिक सुनील उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित उपभोक्ताओं से जांच अधिकारी ने श्रमिक सुनील उपाध्याय के विरोध में शपथपत्र लिए वे दस रुपये के स्टांप पेपर पर हैं। गलती पकड़े जाने के बाद अब 100 रुपये के स्टांप पेपर पर दोबारा शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं से शपथपत्र लेने की तैयारी चल रही है। एक्सईएन देहात ने मामले की जांच जलेसर एसडीओ पवन वर्मा से कराई थी। जो पहले अलीगंज में भी एसडीओ रह चुके हैं।
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लिखित शिकायत में श्रमिक सुनील उपाध्याय पर अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है। उपभोक्ता एसडीओ और जेई के खिलाफ लिखित में शिकायत मिलने पर उनकी भी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई भी होगी। शपथ पत्र में कोई बड़ी खामी नहीं है फिर भी दोबारा बनवा लिए जाएंगे।
- राजकुमार, एक्सईएन, विद्युत वितरण निगम खंड ग्रामीण एटा
ऐसे होती थी अवैध वसूली
एक्सईएन देहात राजकुमार ने बताया कि आरोपी श्रमिक पर उपभोक्ताओं से बच्चों की बीमारी आदि का बहाना बनाकर बिजली बिल वसूली के आरोप लगाए गए हैं। जबकि मामले की हकीकत यह है कि उपभोक्ताआें से बिजली बिल की वसूली आधे बिल जमा करने पर सेटलमेंट कराने के नाम पर होती थी। सवाल उठता है कि उपभोक्ताओं से बड़े पैमाने पर अवैध वसूली होती रही और एसडीओ, जेई को पता क्यों नहीं चल सका।
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अलीगंज में उपभोक्ताओं से बिजली के बिल के रूप में लाखों रुपये की अवैध वसूली के मामले में श्रमिक सुनील उपाध्याय को निलंबित कर दिया है। अवैध वसूली का ऑडियो वायरल होने के बाद हुई शिकायत के बाद दक्षिणांचल विद्युत निगम के एमडी ने इस मामले में जांच बैठाई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एक्सईएन देहात राजकुमार ने श्रमिक पर कार्रवाई की है। वायरल ऑडियो में श्रमिक अवैध वसूली के लिए एसडीओ और जेई को जिम्मेदार ठहराते हुए बात कर रहा है।
अलीगंज में उपभोक्ताओं से अवैध बिजली बिल वसूली को लेकर बैठाई गई जांच में अधिकारी ने ऐसी जांच रिपोर्ट बनाई की सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं लूटी। बिजली बिल के नाम पर अवैध वसूली के जिस ऑडियो पर जांच बैठाई गई उसमें अलीगंज एसडीओ, जेई, एसडीओ के चालक और श्रमिक सुनील उपाध्याय के नाम पर चर्चा हो रही है, लेकिन जांच अधिकारी की जांच सिर्फ श्रमिक सुनील उपाध्याय के आसपास केंद्रित रखी।
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हालांकि उपभोक्ताओं की शिकायत में अवैध वसूली के लिए श्रमिक सुनील उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित उपभोक्ताओं से जांच अधिकारी ने श्रमिक सुनील उपाध्याय के विरोध में शपथपत्र लिए वे दस रुपये के स्टांप पेपर पर हैं। गलती पकड़े जाने के बाद अब 100 रुपये के स्टांप पेपर पर दोबारा शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं से शपथपत्र लेने की तैयारी चल रही है। एक्सईएन देहात ने मामले की जांच जलेसर एसडीओ पवन वर्मा से कराई थी। जो पहले अलीगंज में भी एसडीओ रह चुके हैं।
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लिखित शिकायत में श्रमिक सुनील उपाध्याय पर अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है। उपभोक्ता एसडीओ और जेई के खिलाफ लिखित में शिकायत मिलने पर उनकी भी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई भी होगी। शपथ पत्र में कोई बड़ी खामी नहीं है फिर भी दोबारा बनवा लिए जाएंगे।
- राजकुमार, एक्सईएन, विद्युत वितरण निगम खंड ग्रामीण एटा
ऐसे होती थी अवैध वसूली
एक्सईएन देहात राजकुमार ने बताया कि आरोपी श्रमिक पर उपभोक्ताओं से बच्चों की बीमारी आदि का बहाना बनाकर बिजली बिल वसूली के आरोप लगाए गए हैं। जबकि मामले की हकीकत यह है कि उपभोक्ताआें से बिजली बिल की वसूली आधे बिल जमा करने पर सेटलमेंट कराने के नाम पर होती थी। सवाल उठता है कि उपभोक्ताओं से बड़े पैमाने पर अवैध वसूली होती रही और एसडीओ, जेई को पता क्यों नहीं चल सका।