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छह मंजिला भवन को प्लाट दर्शा कराई रजिस्ट्री
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:21 AM IST
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मथुरा। महावन तहसील के अंतर्गत गोकुल में रमणरेती आश्रम मार्ग पर बन रहे बहुमंजिला भवन की रजिस्ट्री प्लाट के रूप में करा दी गई है। शनिवार को एडीएम वित्त के स्थलीय निरीक्षण में स्टांप चोरी के लिए की गई ये हेराफेरी सामने आ गई।
गोकुल में दिनेश पुरुषोत्तम खोडा निवासी कालिंदीकुंज बडगांव, पूना की ओर से रमणरेती मार्ग पर वासुदेवधाम का निर्माण किया जा रहा है। यहां 17 फीट चौड़ा मार्ग दर्शाकर 1,088 वर्गमीटर के प्लाट की रजिस्ट्री कराई गई। इसका मौके पर पहुंचकर शनिवार को एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने निरीक्षण किया। वासुदेवधाम के 20 फीट चौडे़ दो रास्ते मिले। प्लाट पर छह मंजिला फ्लैट का निर्माण मिला।
इनका निर्माण डेढ़ साल से किया जा रहा है। इस भूमि का मूल्यांकन 4.91 करोड़ रुपये हुआ, जिस पर 34.42 लाख रुपये का स्टांप देय होना था। लेकिन वास्तविक तथ्यों को छुपाकर की गई रजिस्ट्री में सिर्फ 5.41 लाख रुपये के ही स्टांप लगाए गए। इस तरह 29.01 लाख से अधिक की स्टांप की चोरी की गई।
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इसी तरह एक और मामले में एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने गाजियाबाद निवासी जितेंद्र की ओर से बलदेव के छौली में खरीदी गई जमीन में भी स्टांप चोरी पकड़ी है। कृषि भूमि दर्शाकर की गई रजिस्ट्री वास्तविकता में आवासीय है। इस मामले में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा की स्टांप चोरी सामने आई है।
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गोकुल में दिनेश पुरुषोत्तम खोडा निवासी कालिंदीकुंज बडगांव, पूना की ओर से रमणरेती मार्ग पर वासुदेवधाम का निर्माण किया जा रहा है। यहां 17 फीट चौड़ा मार्ग दर्शाकर 1,088 वर्गमीटर के प्लाट की रजिस्ट्री कराई गई। इसका मौके पर पहुंचकर शनिवार को एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने निरीक्षण किया। वासुदेवधाम के 20 फीट चौडे़ दो रास्ते मिले। प्लाट पर छह मंजिला फ्लैट का निर्माण मिला।
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इनका निर्माण डेढ़ साल से किया जा रहा है। इस भूमि का मूल्यांकन 4.91 करोड़ रुपये हुआ, जिस पर 34.42 लाख रुपये का स्टांप देय होना था। लेकिन वास्तविक तथ्यों को छुपाकर की गई रजिस्ट्री में सिर्फ 5.41 लाख रुपये के ही स्टांप लगाए गए। इस तरह 29.01 लाख से अधिक की स्टांप की चोरी की गई।
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इसी तरह एक और मामले में एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने गाजियाबाद निवासी जितेंद्र की ओर से बलदेव के छौली में खरीदी गई जमीन में भी स्टांप चोरी पकड़ी है। कृषि भूमि दर्शाकर की गई रजिस्ट्री वास्तविकता में आवासीय है। इस मामले में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा की स्टांप चोरी सामने आई है।