{"_id":"593991254f1c1b04258b4588","slug":"201496944933-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदहाल सड़क: बाइस बरसों से जख्म भरने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदहाल सड़क: बाइस बरसों से जख्म भरने का इंतजार
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
बदहाल सड़क
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरनाहल (मैनपुरी)। बरनाहल-चदींकरा मार्ग के नासूर बने गड्ढे पिछले 22 सालों में भी नहीं भरे हैं। जर्जर हो चुके इस मार्ग की स्थिति यह है कि यहां वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना तक दुश्वार है।, बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। जबकि छह किमी लंबी इस सड़क पर कई स्कूल और एक दर्जन से अधिक गांव पड़ते हैं। यही नहीं इस मार्ग पर एफसीआई का गोदाम भी है।
बरनाहल-चंदीकरा मार्ग की गिनती ब्लाक के महत्वपूर्ण सड़कों में होती है। पर, मौजूदा समय में यह मार्ग क्षेत्र की जनता के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मार्ग पर हुए गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दो पहिया वाहन फिसलने से आए दिन लोग चुटैल होते हैं। जबकि इस मार्ग पर जीनियस इंटर कालेज, केकेडीसी इंटर कालेज, जलेब सिंह इंटर कालेज आदि स्कूल स्थित हैं।
इन स्कूलों के हजार से अधिक विद्यार्थियों को रोजाना इस गड्ढेभरे मार्ग से आना-जाना होता है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत लड़कियों और छोटे बच्चों को होती है। वहीं इसी मार्ग पर एहमासन नगर, प्रहलादपुर, फूलापुर, आलमपुर देहा, नगला डांढा, बेंगाई, गढिया, भदोल आदि गांवों से होती हुई सिरसागंज- मैनपुरी मार्ग से जुड़ती है।
विज्ञापन
सड़क का निर्माण 1990 में किया गया था। स्थानीय लोगों बताते हैं कि बनते समय मानक में की गई अनदेखी के कारण पांच वर्ष में ही सड़क पूरी तरह से उखड़ गई। मार्ग को बनवाने के लिए करीब 20 वर्षों से ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की लेकिन किसी ने मार्ग की मरम्मत कराए जाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों का कहना है कि चाहे लोकसभा का चुनाव या विधानसभा लेकिन नेताओं का मुद्दा यही सड़क होती है, लेकिन चुनाव हो जाने के बाद इस मार्ग के बारे में कोई राजनेता सोचता तक नहीं है। इससे यह सड़क सालों से बदहाल पड़ी है। कसबा से आधा किमी तक जलभराव रहता है।
इस जलभराव में बड़े वाहन फंसने से कई घंटों तक लागों को जाम में खड़े रहना पड़ता है। वर्तमान में गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए चल रहे अभियान के तहत इस सड़क को बनाने की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग के निर्माण खंड तीन को दी गई है।
बरनाहल निवासी शिवकिशोर सिंह का कहना है कि वर्षों से यह सड़क खराब है। इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई है। जबकि हर चुनाव में यह मुद्दा बनती है। किसान शिवराज सिंह का कहना है कि इस सड़क पर एफसीआई का गोदाम भी है। किसानों को वहां तक जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। अमन कुमार का कहना है कि इसी सड़क पर आधा दर्जन स्कूल पड़ते हैं। स्कूल जाने में बच्चे गिरते रहते हैं। वहीं मंसूर अली का कहना है कि यह क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है। फिर भी यह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनदेखी का शिकार है।
विज्ञापन
बरनाहल-चंदीकरा मार्ग की गिनती ब्लाक के महत्वपूर्ण सड़कों में होती है। पर, मौजूदा समय में यह मार्ग क्षेत्र की जनता के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मार्ग पर हुए गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दो पहिया वाहन फिसलने से आए दिन लोग चुटैल होते हैं। जबकि इस मार्ग पर जीनियस इंटर कालेज, केकेडीसी इंटर कालेज, जलेब सिंह इंटर कालेज आदि स्कूल स्थित हैं।
विज्ञापन
इन स्कूलों के हजार से अधिक विद्यार्थियों को रोजाना इस गड्ढेभरे मार्ग से आना-जाना होता है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत लड़कियों और छोटे बच्चों को होती है। वहीं इसी मार्ग पर एहमासन नगर, प्रहलादपुर, फूलापुर, आलमपुर देहा, नगला डांढा, बेंगाई, गढिया, भदोल आदि गांवों से होती हुई सिरसागंज- मैनपुरी मार्ग से जुड़ती है।
विज्ञापन
सड़क का निर्माण 1990 में किया गया था। स्थानीय लोगों बताते हैं कि बनते समय मानक में की गई अनदेखी के कारण पांच वर्ष में ही सड़क पूरी तरह से उखड़ गई। मार्ग को बनवाने के लिए करीब 20 वर्षों से ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की लेकिन किसी ने मार्ग की मरम्मत कराए जाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों का कहना है कि चाहे लोकसभा का चुनाव या विधानसभा लेकिन नेताओं का मुद्दा यही सड़क होती है, लेकिन चुनाव हो जाने के बाद इस मार्ग के बारे में कोई राजनेता सोचता तक नहीं है। इससे यह सड़क सालों से बदहाल पड़ी है। कसबा से आधा किमी तक जलभराव रहता है।
इस जलभराव में बड़े वाहन फंसने से कई घंटों तक लागों को जाम में खड़े रहना पड़ता है। वर्तमान में गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए चल रहे अभियान के तहत इस सड़क को बनाने की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग के निर्माण खंड तीन को दी गई है।
बरनाहल निवासी शिवकिशोर सिंह का कहना है कि वर्षों से यह सड़क खराब है। इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई है। जबकि हर चुनाव में यह मुद्दा बनती है। किसान शिवराज सिंह का कहना है कि इस सड़क पर एफसीआई का गोदाम भी है। किसानों को वहां तक जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। अमन कुमार का कहना है कि इसी सड़क पर आधा दर्जन स्कूल पड़ते हैं। स्कूल जाने में बच्चे गिरते रहते हैं। वहीं मंसूर अली का कहना है कि यह क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है। फिर भी यह जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनदेखी का शिकार है।