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धक्का-मुक्की से बेहाल हुए मरीज, घंटे भर में बन पाया पर्चा
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आगरा। जिला अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ओपीडी में करीब 2000 मरीज पहुंचे। घंटे भर लाइन में लगने के बाद पर्चा बन पाया। जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की हुई। वहां तैनात गार्ड व्यवस्था नहीं बना पाए। गर्मी से मरीजों का और बुरा हाल हो गया। सुबह दस बजे से 12 बजे के बीच सबसे अधिक भीड़ रही।
एसएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी नहीं चल रही है। ऐसे में जिला अस्पताल की ओपीडी में और अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले चार गुना हो गई है। चार जून को शुरू हुई ओपीडी में पहले दिन 422 मरीज आए थे। सोमवार को ओपीडी में 1550 नए मरीज पहुंचे। इसके अलावा 450 मरीज फॉलोअप वाले रहे। सुबह आठ बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे। जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की के कारण बुजुर्ग और महिला मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई।
लाल दाने, चकत्ते, उल्टी-दस्त के सबसे ज्यादा मरीज
ओपीडी में त्वचा रोग और पेट रोग के सबसे ज्यादा मरीज हैं। दोनों विभाग में कुल ओपीडी के आधे मरीज हैं। त्वचा रोगियों को गर्मी से लाल दाने, खुजली, चकत्ते, फंगल इन्फेक्शन वाले मरीजों की संख्या अधिक है। पेट में दर्द, उल्टी-दस्त, अपच, लू लगने के भी मरीज हैं। आंखों के 158, बाल रोग विभाग में 120, सर्जरी में 35, हड्डी रोग में 37, आयुष विभाग में 140 मरीज आए।
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28 से घटकर 15 चिकित्सक ही रह गए
त्वचा रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, बाल रोग, मेडिसिन, सर्जरी, आयुष विभाग, दंत रोग समेत अन्य विभाग में 28 चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। लेकिन अब 15 चिकित्सक ही ओपीडी संभाले हुए हैं। 28 में से चार चिकित्सक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक का कोरोना से निधन हो गया। बाकी के चिकित्सक कोविड नमूना केंद्र, इमरजेंसी, एआरवी ओपीडी समेत अन्य चिकित्सकीय कार्यों में लगे हुए हैं।
ड्रॉप, दर्द की मलहम, फंगल इन्फेक्शन की दवा की कमी
मरीजों की संख्या बढ़ने पर दवाओं की भी कमी है। ईएनटी, आईड्रॉप, फंगल इन्फेक्शन, दर्द के मलहम की कमी है। बच्चों के लिए सीरप अभी तक नहीं आए हैं। ऐसे में मरीजों को दवाएं बाजार से लेनी पड़ रही हैं।
अगले सोमवार को और गार्ड लगवाऊंगा
सोमवार को भीड़ अधिक रहती है, खासतौर से 10 से 12 बजे के बीच। गार्ड भी लगे हैं लेकिन कुछ मरीज जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की करने लगते हैं। अगले सोमवार को अतिरिक्त गार्ड लगवाऊंगा। ड्रॉप-मलहम और मंगवाने के लिए आर्डर भी कर दिए हैं।
-डॉ. एके अग्रवाल, जिला अस्पताल
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एसएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी नहीं चल रही है। ऐसे में जिला अस्पताल की ओपीडी में और अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले चार गुना हो गई है। चार जून को शुरू हुई ओपीडी में पहले दिन 422 मरीज आए थे। सोमवार को ओपीडी में 1550 नए मरीज पहुंचे। इसके अलावा 450 मरीज फॉलोअप वाले रहे। सुबह आठ बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे। जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की के कारण बुजुर्ग और महिला मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई।
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लाल दाने, चकत्ते, उल्टी-दस्त के सबसे ज्यादा मरीज
ओपीडी में त्वचा रोग और पेट रोग के सबसे ज्यादा मरीज हैं। दोनों विभाग में कुल ओपीडी के आधे मरीज हैं। त्वचा रोगियों को गर्मी से लाल दाने, खुजली, चकत्ते, फंगल इन्फेक्शन वाले मरीजों की संख्या अधिक है। पेट में दर्द, उल्टी-दस्त, अपच, लू लगने के भी मरीज हैं। आंखों के 158, बाल रोग विभाग में 120, सर्जरी में 35, हड्डी रोग में 37, आयुष विभाग में 140 मरीज आए।
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28 से घटकर 15 चिकित्सक ही रह गए
त्वचा रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, बाल रोग, मेडिसिन, सर्जरी, आयुष विभाग, दंत रोग समेत अन्य विभाग में 28 चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। लेकिन अब 15 चिकित्सक ही ओपीडी संभाले हुए हैं। 28 में से चार चिकित्सक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक का कोरोना से निधन हो गया। बाकी के चिकित्सक कोविड नमूना केंद्र, इमरजेंसी, एआरवी ओपीडी समेत अन्य चिकित्सकीय कार्यों में लगे हुए हैं।
ड्रॉप, दर्द की मलहम, फंगल इन्फेक्शन की दवा की कमी
मरीजों की संख्या बढ़ने पर दवाओं की भी कमी है। ईएनटी, आईड्रॉप, फंगल इन्फेक्शन, दर्द के मलहम की कमी है। बच्चों के लिए सीरप अभी तक नहीं आए हैं। ऐसे में मरीजों को दवाएं बाजार से लेनी पड़ रही हैं।
अगले सोमवार को और गार्ड लगवाऊंगा
सोमवार को भीड़ अधिक रहती है, खासतौर से 10 से 12 बजे के बीच। गार्ड भी लगे हैं लेकिन कुछ मरीज जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की करने लगते हैं। अगले सोमवार को अतिरिक्त गार्ड लगवाऊंगा। ड्रॉप-मलहम और मंगवाने के लिए आर्डर भी कर दिए हैं।
-डॉ. एके अग्रवाल, जिला अस्पताल