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नरक चतुर्दशी पर घर के दरवाजे पर जलाया दीपक
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:35 PM IST
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फिरोजाबाद। दिवाली पंच महोत्सव के तहत मंगलवार को छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी का पर्व घर-घर में मनाया गया। महिलाओं-युवतियों ने सजने संवरने के साथ घर के दरवाजे पर दीपक जलाया।
सूर्यास्त के बाद महिलाओं ने घर के बाहर दीपक जलाया और बच्चों ने पटाखा छुड़ाकर खूब ही धमाल मचाया। श्री बांके बिहारी मंदिर के महंत पंडित मुन्नालाल शास्त्री बताते हैं कि नरक चतुर्दशी के दिन धर्मराज का दीपक माता बहनें जलाती हैं। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले श्रमिक एक दिन पहले ही अपनी इनाम लेकर घर को रवाना हो गए।
सुख, समृद्धि और प्रकाश पर्व दिवाली का त्योहार बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। दिवाली पर घर-घर में लक्ष्मी-गणेश का पूजन होगा। शाम होते ही घरों में दीपमालिका जलाई जाएगी। घरों में लोग मिट्टी के दीपक, मोमबत्ती के दीपक व मोमबत्तियां जलाकर घर को रोशन करेंगे। इसके बाद देर रात लोग आतिशबाजी का आनंद लेंगे।
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दिवाली पर व्यापारियों के लिए सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक शुभ लगन है। 12.00 से डेढ़ बजे तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान कोई पूजन नहीं होगा। दोपहर दो से साढ़े चार बजे तक चंचल बेला है। 4.30 बजे 5.30 तक प्रदोष काल है। दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 5.30 बजे से रात नौ बजे तक रहेगा। वहीं श्री राधाकृष्ण मंदिर के महंत पं. विजय उपाध्याय का कहना है कि सुबह सात बजे से 9.30 बजे तक अमृत बेला, 11 से 12 तक शुभ बेला, राहुकाल 12 से 1.30 बजे रहेगा। व्यापारी वर्ग के लिए वृषभ लग्न में 5.45 से 8.15 तक पूजन का शुभ मुहूर्त है।
पं. मुन्नालाल शास्त्री, बांकेबिहारी मंदिर के महंत
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सूर्यास्त के बाद महिलाओं ने घर के बाहर दीपक जलाया और बच्चों ने पटाखा छुड़ाकर खूब ही धमाल मचाया। श्री बांके बिहारी मंदिर के महंत पंडित मुन्नालाल शास्त्री बताते हैं कि नरक चतुर्दशी के दिन धर्मराज का दीपक माता बहनें जलाती हैं। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले श्रमिक एक दिन पहले ही अपनी इनाम लेकर घर को रवाना हो गए।
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सुख, समृद्धि और प्रकाश पर्व दिवाली का त्योहार बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। दिवाली पर घर-घर में लक्ष्मी-गणेश का पूजन होगा। शाम होते ही घरों में दीपमालिका जलाई जाएगी। घरों में लोग मिट्टी के दीपक, मोमबत्ती के दीपक व मोमबत्तियां जलाकर घर को रोशन करेंगे। इसके बाद देर रात लोग आतिशबाजी का आनंद लेंगे।
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दिवाली पर व्यापारियों के लिए सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक शुभ लगन है। 12.00 से डेढ़ बजे तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान कोई पूजन नहीं होगा। दोपहर दो से साढ़े चार बजे तक चंचल बेला है। 4.30 बजे 5.30 तक प्रदोष काल है। दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 5.30 बजे से रात नौ बजे तक रहेगा। वहीं श्री राधाकृष्ण मंदिर के महंत पं. विजय उपाध्याय का कहना है कि सुबह सात बजे से 9.30 बजे तक अमृत बेला, 11 से 12 तक शुभ बेला, राहुकाल 12 से 1.30 बजे रहेगा। व्यापारी वर्ग के लिए वृषभ लग्न में 5.45 से 8.15 तक पूजन का शुभ मुहूर्त है।
पं. मुन्नालाल शास्त्री, बांकेबिहारी मंदिर के महंत