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कारोबारी पर हमले के बाद गुस्साए लोगों ने थाना घेरा, आक्रोश
Updated Mon, 22 Oct 2018 11:35 PM IST
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अमांपुर। कस्बे में रविवार को रामलीला मंचन के दौरान राज्याभिषेक की लीला कारोबारी पर हमले की घटना के बाद रोक दी गई। घटना के बाद कस्बे के लोगों में खासा आक्रोश आक्रोशित लोगों ने देर रात हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी की। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग कर रहे थे।
दो समुदायों का मामला होने के कारण कस्बे में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। देर रात डीएम आरपी सिंह एवं एसपी अशोक कुमार शुक्ला ने आरोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद रामलीला मंचन की औपचारिकता का पूरा किया जा सका।
रामलीला मंच के पीछे कारोबारी आकाश गुप्ता समेत दो अन्य पर दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा हमला किया गया था। हमले में तीनों लोग घायल हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर मैदान में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और रामलीला मंचन को रोकना पड़ा। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश था। लोगों का कहना था कि पहले रामबारात में अशांति करने की कोशिश की गई और अब राज्याभिषेक की लीला में अशांति करने के उद्देश्य से हमला किया गया। इस बात का लेकर लोगों में गुस्सा था।
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हमलावरों के दूसरे समुदाय से होने के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता चला गया। कस्बे के कारोबारियों, हिंदूवादियों व विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने देर रात थाने का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी की। थाने के घेराव की सूचना पर एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी थाने पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग डीएम, एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। देर रात डीएम, एसपी मौके पर पहुंच गए औरथाने में बैठकर आक्रोशित लोगों से वार्ता की गई।
आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के तत्काल निर्देश दिए और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का समय दिया। कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को चौकस बनाने का भी अधिकारियों भरोसा दिया। वार्ता के बाद अधिकारियों ने रामलीला मंचन पूरा कराने को कहा। लोगों ने रात तकरीबन एक बजे राज्याभिषेक की लीला कराई। दोनों अधिकारियों ने पूर्व नगरपंचायत अध्यक्ष सुलोचना गुप्ता के साथ राज्याभिषेक पूजा की एवं भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण का राजतिलक किया गया। इस दौरान कमेटी के पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
दो समुदायों का मामला होने के कारण कस्बे में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। देर रात डीएम आरपी सिंह एवं एसपी अशोक कुमार शुक्ला ने आरोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद रामलीला मंचन की औपचारिकता का पूरा किया जा सका।
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रामलीला मंच के पीछे कारोबारी आकाश गुप्ता समेत दो अन्य पर दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा हमला किया गया था। हमले में तीनों लोग घायल हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर मैदान में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और रामलीला मंचन को रोकना पड़ा। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश था। लोगों का कहना था कि पहले रामबारात में अशांति करने की कोशिश की गई और अब राज्याभिषेक की लीला में अशांति करने के उद्देश्य से हमला किया गया। इस बात का लेकर लोगों में गुस्सा था।
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हमलावरों के दूसरे समुदाय से होने के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता चला गया। कस्बे के कारोबारियों, हिंदूवादियों व विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने देर रात थाने का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी की। थाने के घेराव की सूचना पर एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी थाने पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग डीएम, एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। देर रात डीएम, एसपी मौके पर पहुंच गए औरथाने में बैठकर आक्रोशित लोगों से वार्ता की गई।
आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के तत्काल निर्देश दिए और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का समय दिया। कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को चौकस बनाने का भी अधिकारियों भरोसा दिया। वार्ता के बाद अधिकारियों ने रामलीला मंचन पूरा कराने को कहा। लोगों ने रात तकरीबन एक बजे राज्याभिषेक की लीला कराई। दोनों अधिकारियों ने पूर्व नगरपंचायत अध्यक्ष सुलोचना गुप्ता के साथ राज्याभिषेक पूजा की एवं भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण का राजतिलक किया गया। इस दौरान कमेटी के पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।