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कार्रवाई नहीं की, उल्टा छात्रा के चरित्र पर उठाए सवाल
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:10 PM IST
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जैथरा। वाह री पुलिस! कार्रवाई नहीं करने के लिए छात्रा के चरित्र का हनन ही कर दिया। बता दिया उसका मानसिक संतुलन खराब है। मनचलों से तंग आकर छत से कूदी छात्रा के मामले में पुलिस ने दूसरे दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की और पुलिस छात्रा पर संगीन आरोप लगा कर परिजनों को ठेस पहुंचा रही है। इस मामले को लेकर जैथरा पुलिस की किरकिरी हो रही है।
लखनऊ में युवक की पुलिसकर्मी द्वारा गोली मार हत्या के मामले में शुरुआत में चरित्र हनन का आरोप लगाने वाले अधिकारियों को खुद को सफाई देने में मुंह की खानी पड़ी है। वहीं जैथरा पुलिस भी ऐसी ही गलती कर रही है। कार्रवाई नहीं करने को लेकर पुलिस छात्रा का मानसिक संतुलन और चरित्र खराब बता रही है। इससे छात्रा के परिजनों में दहशत है।
कस्बा जैथरा में अपनी आबरू बचाने को छत से कूदी छात्रा पुलिस के आरोपों का शिकार हो रही है। एक ओर छात्रा की हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई है तो जैथरा पुलिस मामले की लीपापोती कर छात्रा का मानसिक संतुलन और चरित्र खराब बताकर पीड़ित परिवार को ठेस पहुंचा रही है। जैथरा पुलिस की कार्यप्रणाली से लोगों में आक्रोश है। बता दें कि घटना के दूसरे दिन रविवार को भी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करना तो दूर उसकी जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा। बता दें कि घर पर मौजूद छात्रा के साथ घर में घुसकर दो युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। इस पर छात्रा ने छत से कूद लगा दी थी। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में स्थानीय निजी क्लीनिक पर भर्ती कराया था।
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30 फीसदी थानों से नहीं मिल रहा न्याय
एटा। थाने पर तैनात पुलिस से फरियादियों को तीस फीसदी तक भी न्याय नहीं मिल पा रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण अधिकारियों के कार्यालय पर लगने वाली फरियादियों की भीड़ और कोर्ट में प्रार्थना पत्र डालने वाले लोगों की संख्या है। प्रतिदिन पुलिस कार्यालय पर औसतन तीस से चालीस प्रार्थना लेकर पीड़ित लोग पहुंच रहे है। दूसरी ओर प्रत्येक माह कोर्ट के आदेश पर औसतन पच्चीस से तीस मामले जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज होते है।
लखनऊ में युवक की पुलिसकर्मी द्वारा गोली मार हत्या के मामले में शुरुआत में चरित्र हनन का आरोप लगाने वाले अधिकारियों को खुद को सफाई देने में मुंह की खानी पड़ी है। वहीं जैथरा पुलिस भी ऐसी ही गलती कर रही है। कार्रवाई नहीं करने को लेकर पुलिस छात्रा का मानसिक संतुलन और चरित्र खराब बता रही है। इससे छात्रा के परिजनों में दहशत है।
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कस्बा जैथरा में अपनी आबरू बचाने को छत से कूदी छात्रा पुलिस के आरोपों का शिकार हो रही है। एक ओर छात्रा की हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई है तो जैथरा पुलिस मामले की लीपापोती कर छात्रा का मानसिक संतुलन और चरित्र खराब बताकर पीड़ित परिवार को ठेस पहुंचा रही है। जैथरा पुलिस की कार्यप्रणाली से लोगों में आक्रोश है। बता दें कि घटना के दूसरे दिन रविवार को भी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करना तो दूर उसकी जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा। बता दें कि घर पर मौजूद छात्रा के साथ घर में घुसकर दो युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। इस पर छात्रा ने छत से कूद लगा दी थी। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में स्थानीय निजी क्लीनिक पर भर्ती कराया था।
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30 फीसदी थानों से नहीं मिल रहा न्याय
एटा। थाने पर तैनात पुलिस से फरियादियों को तीस फीसदी तक भी न्याय नहीं मिल पा रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण अधिकारियों के कार्यालय पर लगने वाली फरियादियों की भीड़ और कोर्ट में प्रार्थना पत्र डालने वाले लोगों की संख्या है। प्रतिदिन पुलिस कार्यालय पर औसतन तीस से चालीस प्रार्थना लेकर पीड़ित लोग पहुंच रहे है। दूसरी ओर प्रत्येक माह कोर्ट के आदेश पर औसतन पच्चीस से तीस मामले जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज होते है।