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आर्किटेक्ट टीम ने बनाई कई योजनाएं
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:06 PM IST
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कासगंज।
तीर्थनगरी सोरों के विकास के लिए आर्किटेक्ट टीम लगातार विभिन्न स्थानों को विकसित करने की योजनाएं बना रही है। कई मंदिरों, परिक्रमा मार्ग व अन्य स्थानों के प्लान तैयार हो चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा है। सभी प्लान तैयार होने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। डीएम के साथ बैठक में सहमति बनेगी।
लखनऊ की आर्किटेक्ट की टीम के सदस्य लगातार तीर्थनगरी में ऐतिहासिक, पौराणिक धरोहरों को सजोने और विकास कार्यों आदि पर काम कर रहे हैं। अहमदाबाद, जयपुर एवं रुड़की के विशेषज्ञों से राय मशविरा करने के बाद सभी प्रस्तावों पर काम हो रहा है। हरिपदी को भव्यता देने का प्लान तैयार किया गया है। वहीं वराह मंदिर, बटुकनाथ मंदिर एवं सरोवर, सीताराम मंदिर, गुरु नरहरि पाठशाला, परिक्रमा मार्ग सहित अन्य पौराणिक स्थलों के विकास के प्लान तैयार किए गए हैं।
कुछ प्लान तैयार कर लिए गए हैं और कुछ पर काम चल रहा है। आर्किटेक्ट की टीम इस पर भी ध्यान दे रही है कि किसी भी इमारत का मूलस्वरूप प्रभावित न हो। इसके अलावा तीर्थनगरी में विभिन्न द्वार बनाने आदि के प्लान भी तैयार किए जा रहे हैं। आर्किटेक्ट अब्दुल रऊफ खां ने बताया कि 28 अगस्त से पहले प्लान तैयार हो जाएंगे। इसके बाद जिलाधिकारी के साथ बैठक होगी। इसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक के बाद डीपीआर भी अंतिम तौर पर तैयार होगी। शासन प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप टीम तैयारियों में जुटी है।
तीर्थनगरी सोरों के विकास के लिए आर्किटेक्ट टीम लगातार विभिन्न स्थानों को विकसित करने की योजनाएं बना रही है। कई मंदिरों, परिक्रमा मार्ग व अन्य स्थानों के प्लान तैयार हो चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा है। सभी प्लान तैयार होने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। डीएम के साथ बैठक में सहमति बनेगी।
लखनऊ की आर्किटेक्ट की टीम के सदस्य लगातार तीर्थनगरी में ऐतिहासिक, पौराणिक धरोहरों को सजोने और विकास कार्यों आदि पर काम कर रहे हैं। अहमदाबाद, जयपुर एवं रुड़की के विशेषज्ञों से राय मशविरा करने के बाद सभी प्रस्तावों पर काम हो रहा है। हरिपदी को भव्यता देने का प्लान तैयार किया गया है। वहीं वराह मंदिर, बटुकनाथ मंदिर एवं सरोवर, सीताराम मंदिर, गुरु नरहरि पाठशाला, परिक्रमा मार्ग सहित अन्य पौराणिक स्थलों के विकास के प्लान तैयार किए गए हैं।
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कुछ प्लान तैयार कर लिए गए हैं और कुछ पर काम चल रहा है। आर्किटेक्ट की टीम इस पर भी ध्यान दे रही है कि किसी भी इमारत का मूलस्वरूप प्रभावित न हो। इसके अलावा तीर्थनगरी में विभिन्न द्वार बनाने आदि के प्लान भी तैयार किए जा रहे हैं। आर्किटेक्ट अब्दुल रऊफ खां ने बताया कि 28 अगस्त से पहले प्लान तैयार हो जाएंगे। इसके बाद जिलाधिकारी के साथ बैठक होगी। इसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक के बाद डीपीआर भी अंतिम तौर पर तैयार होगी। शासन प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप टीम तैयारियों में जुटी है।
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