{"_id":"5b12d0af4f1c1bf76e8b6007","slug":"191527959727-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजिलेंस जांच में खुलेंगे बड़े-बड़े नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विजिलेंस जांच में खुलेंगे बड़े-बड़े नाम
Updated Sat, 02 Jun 2018 10:58 PM IST
विज्ञापन
up police
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। जिले की दो ग्राम पंचायतों की कराई जा रही विजिलेंस जांच में कई बड़े-बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ग्राम पंचायत में लगातार सात साल तक चले खेल की जांच विजिलेंस से कराने के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों में दहशत है। विजिलेंस टीम ने साल 2005 से 2012 तक के अभिलेखों को तलब किया है। शनिवार को डीपीआरओ कार्यालय में टीम के पहुंचने की सूचना को लेकर हड़कंप मचा रहा। हालांकि देर शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंच सका।
अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत कंचनपुर आसे नंबर दो और बुलाकी नगर पुराहार में वर्ष 2005 से 2012 तक जमकर खेल हुआ है। प्रधान और सचिव के साथ अधिकारियों ने मिलीभगत कर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया गया। मामले की शिकायत होने के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जब मामला शासन तक पहुंचा, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। अब शासन की ओर से जांच के लिए विजिलेंस टीम को नामित किया गया। विगत दिनों टीम के अधिकारियों ने सीडीओ से मुलाकात कर अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा था। इसके बाद शुक्रवार को ग्राम पंचायतों के सारे अभिलेख निकाल लिए गए। सीलन से खराब हो चुकी फाइलों को धूप में सुखाने का काम चल रहा है। इसके चलते विभाग के कार्यालय में फाइलों का ढेर लगा है। वहीं शनिवार को टीम के पहुंचने की सूचना को लेकर कर्मचारियों में खलबली मची रही लेकिन देरशाम तक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर कर्मचारियों-अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अब बताया जाता है कि टीम सोमवार को कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों की जांच करेगी।
विज्ञापन
अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत कंचनपुर आसे नंबर दो और बुलाकी नगर पुराहार में वर्ष 2005 से 2012 तक जमकर खेल हुआ है। प्रधान और सचिव के साथ अधिकारियों ने मिलीभगत कर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया गया। मामले की शिकायत होने के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जब मामला शासन तक पहुंचा, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। अब शासन की ओर से जांच के लिए विजिलेंस टीम को नामित किया गया। विगत दिनों टीम के अधिकारियों ने सीडीओ से मुलाकात कर अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा था। इसके बाद शुक्रवार को ग्राम पंचायतों के सारे अभिलेख निकाल लिए गए। सीलन से खराब हो चुकी फाइलों को धूप में सुखाने का काम चल रहा है। इसके चलते विभाग के कार्यालय में फाइलों का ढेर लगा है। वहीं शनिवार को टीम के पहुंचने की सूचना को लेकर कर्मचारियों में खलबली मची रही लेकिन देरशाम तक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर कर्मचारियों-अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अब बताया जाता है कि टीम सोमवार को कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों की जांच करेगी।
विज्ञापन