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वेटरनेरी डिग्री के लिए बढ़ा रुझान, डिप्लोमा से मोह भंग
Updated Thu, 19 Apr 2018 08:19 PM IST
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डिग्री
- फोटो : डैमो
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मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (वेटरनेरी विश्वविद्यालय, मथुरा) में डिग्री प्रोग्राम के लिए इस बार युवाओं का रुझान बढ़ा है, डिप्लोमा प्रोग्राम से मोह भंग होता नजर आ रहा है। प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की स्थिति कुछ यही बता रही है।
वेटरनेरी विवि में कालेज ऑफ बायोटेक और कालेज ऑफ वेटरनेरी साइंस के विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा रही हैं। इसमें अब तक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है।
कालेज ऑफ वेटरनेरी साइंस के स्नातक कोर्सेज बीवीएससी एंड एएच के लिए आवेदनों ने एिक दशक का रिकार्ड तोड़ दिया है। अब तक करीब सात हजार आवेदन आ चुके हैं, जबकि इसी कालेज के अंतर्गत संचालित वेटरनेरी डिप्लोमा फार्मासिस्ट और डिप्लोमा एलईओ के लिए अब तक सिर्फ 207 आवेदन ही आए हैं, जबकि पूर्व दो वर्षों में यह संख्या 2200 तक रही है।
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माना जाता है कि वेटरनेरी के यह डिप्लोमा औचित्यहीन साबित हो रहे हैं। अब तक राज्य सरकार ने इन डिप्लोमा धारक युवाओं की नियुक्ति के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। इनके रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था नहीं हुई है।
यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पशुधन मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने डिप्लोमाधारकों के लिए एक्ट में परिवर्तन की घोषणा की थी, जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ है।
ऐसे में युवाओं का रुझान इस कोर्स से हट रहा है। इसके अलावा कालेज ऑफ बायोटेक में बीएसएस ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी और बीएसएसी ऑनर्स इंड्रस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी के लिए आवेदन की स्थिति सामान्य है।
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वेटरनेरी विवि में कालेज ऑफ बायोटेक और कालेज ऑफ वेटरनेरी साइंस के विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा रही हैं। इसमें अब तक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है।
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कालेज ऑफ वेटरनेरी साइंस के स्नातक कोर्सेज बीवीएससी एंड एएच के लिए आवेदनों ने एिक दशक का रिकार्ड तोड़ दिया है। अब तक करीब सात हजार आवेदन आ चुके हैं, जबकि इसी कालेज के अंतर्गत संचालित वेटरनेरी डिप्लोमा फार्मासिस्ट और डिप्लोमा एलईओ के लिए अब तक सिर्फ 207 आवेदन ही आए हैं, जबकि पूर्व दो वर्षों में यह संख्या 2200 तक रही है।
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माना जाता है कि वेटरनेरी के यह डिप्लोमा औचित्यहीन साबित हो रहे हैं। अब तक राज्य सरकार ने इन डिप्लोमा धारक युवाओं की नियुक्ति के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। इनके रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था नहीं हुई है।
यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पशुधन मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने डिप्लोमाधारकों के लिए एक्ट में परिवर्तन की घोषणा की थी, जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ है।
ऐसे में युवाओं का रुझान इस कोर्स से हट रहा है। इसके अलावा कालेज ऑफ बायोटेक में बीएसएस ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी और बीएसएसी ऑनर्स इंड्रस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी के लिए आवेदन की स्थिति सामान्य है।