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तीन दिन में दूसरी बार आफत बनकर आई आंधी
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:43 PM IST
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मैनपुरी। प्रकृति किसानों पर सितम ढा रही है। अप्रैल महीने में तीन दिन में दूसरी बार आई आंधी ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है। सोमवार सुबह आई आंधी के बाद किसान एक बार फिर खेतों में गेहूं की फसल को बीनते दिखाई दिए। कई स्थानों पर आंधी के कारण बिजली के तार टूटने से गेहूं की फसल भी जलकर राख हो गई। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
जैसे-जैसे किसानों की फसल पकती जा रही है। वैसे-वैसे ही किसानों पर प्राकृतिक आपदा का कहर भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को आई आंधी ने किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया था। गनीमत यह रही कि बारिश और ओले नहीं पड़े, लेकिन इसके बाद भी तेज आंधी ने किसानों के खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल को काफी दूर तक उड़ा दिया था।
शनिवार को किसान पूरे दिन आंधी में उड़ी फसल को एकत्रित करते रहे। वहीं तीन दिन बाद सोमवार सुबह करीब 11 बजे आई आंधी ने किसानों के चेहरे की हवाइयां फिर उड़ा दीं। आकाश में छाए काले बादल और कड़कड़ाती बिजली किसानों की धड़कने रोक रही थी। किसानों को डर था कि पहली आंधी से तो फसल बच गई, लेकिन इस बार मौसम के मिजाज को देखते हुए काफी नुकसान होगा।
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जैसे-जैसे किसानों की फसल पकती जा रही है। वैसे-वैसे ही किसानों पर प्राकृतिक आपदा का कहर भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को आई आंधी ने किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया था। गनीमत यह रही कि बारिश और ओले नहीं पड़े, लेकिन इसके बाद भी तेज आंधी ने किसानों के खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल को काफी दूर तक उड़ा दिया था।
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शनिवार को किसान पूरे दिन आंधी में उड़ी फसल को एकत्रित करते रहे। वहीं तीन दिन बाद सोमवार सुबह करीब 11 बजे आई आंधी ने किसानों के चेहरे की हवाइयां फिर उड़ा दीं। आकाश में छाए काले बादल और कड़कड़ाती बिजली किसानों की धड़कने रोक रही थी। किसानों को डर था कि पहली आंधी से तो फसल बच गई, लेकिन इस बार मौसम के मिजाज को देखते हुए काफी नुकसान होगा।
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